लेटेस्ट न्यूज़

8th Pay Commission: अगर सरकार ने कह दिया 'OK' तो ₹69000 हो जाएगी न्यूनतम सैलरी, बीते सालों कितना हुआ है इजाफा?

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं. कर्मचारी यूनियनें 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं. अगर मांग मान ली जाती है तो 18,000 रुपये की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 68,940 रुपये हो सकती है.

ADVERTISEMENT

social share
Google CTA
1

1/7

केंद्रीय कर्मचारी इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की उनकी मांग को स्वीकार कर लेगी, क्योंकि इसका सीधा असर सैलरी हाइक पर पड़ता है. ऐसे में जानना मजेदार होगा कि भारत में पहले वेतन आयोग से लेकर सातवें वेतन आयोग तक कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में कितना बदलाव आया है.

2

2/7

कर्मचारी यूनियनों ने सरकार के सामने वेतन, पेंशन और भत्तों में संशोधन को लेकर कई मांगें रखी हैं. इनमें सबसे प्रमुख मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 करने की है. फिटमेंट फैक्टर वह आंकड़ा है, जिसके आधार पर पुराने बेसिक पे या पेंशन को नए सैलरी स्ट्रक्चर में बदला जाता है. इसका फॉर्मूला 'नया मूल वेतन = वर्तमान मूल वेतन × फिटमेंट फैक्टर' होता है. यदि फिटमेंट फैक्टर 3.83 होता है, तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 68,940 रुपये (लगभग 69,000 रुपये) हो जाएगी.

3

3/7

भारत की आजादी से पहले साल 1946 में पहला वेतन आयोग लागू किया गया था. सरकारी आंकड़ों (www.doe.gov.in) के अनुसार, उस समय केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन 55 रुपये प्रति माह तय किया गया था, जबकि अधिकतम मूल वेतन 2,000 रुपये निर्धारित था.
 

4

4/7

साल 1959 में दूसरा वेतन आयोग प्रभावी हुआ, जिसके तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 55 रुपये से बढ़कर 80 रुपये प्रति माह हो गई और अधिकतम सैलरी 3,000 रुपये तय की गई. इसके बाद 1973 में लागू हुए तीसरे वेतन आयोग ने कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर 196 रुपये और अधिकतम मूल वेतन को 3,500 रुपये प्रति माह कर दिया.
 

5

5/7

चौथा वेतन आयोग 1986 में लागू हुआ, जिसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 750 रुपये और अधिकतम बेसिक सैलरी उछलकर 8,000 रुपये हो गई. ठीक एक दशक बाद 1996 में आए पांचवें वेतन आयोग में 1.74 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, जिससे न्यूनतम मूल वेतन 2,550 रुपये और अधिकतम मूल वेतन बढ़कर 26,000 रुपये हो गया.
 

6

6/7

साल 2006 में छठे वेतन आयोग के तहत 1.86 फिटमेंट फैक्टर तय किया गया, जिससे न्यूनतम बेसिक पे 7,000 रुपये और अधिकतम 80,000 रुपये हुई. वहीं, 2016 में लागू 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.57 किया गया, जिससे कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी सीधे 18,000 रुपये और अधिकतम बेसिक सैलरी बढ़कर 2.5 लाख रुपये तय की गई.
 

7

7/7

फिलहाल 8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन या फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. वेतन में बढ़ोतरी और सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की सटीक जानकारी आयोग द्वारा अपनी सिफारिशें पेश करने और सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के बाद ही साफ हो पाएगी.