ये थे वो गजब के नारे जिन्होंने हमेशा बढ़ाया 'नेताजी' मुलायम सिंह यादव का सियासी कद

शिल्पी सेन

10 अक्टूबर 2022 को दिग्गज समाजवादी नेता और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव चिरनिद्रा में विलीन हो गए.

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मुलायम सिंह यादव ने अपने लंबे सियासी सफर में राजनीति के कई पड़ाव तय किए.

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मुलायम ऐसे नेता भी रहे जिनकी लोकप्रियता और कार्यकर्ताओं पर उनके प्रभाव ने भी कई नारों (स्लोगन) को जन्म दिया.

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'जिसका जलवा कायम है, उसका नाम मुलायम है'. जब अंत तक मुलायम अपने कार्यकर्ताओं के बीच गए, तो यही स्लोगन अक्सर सुनाई पड़ता रहा.

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‘नाम मुलायम, काम मुलायम, फिर एक बार मुलायम’. 2007 के चुनाव में ये नारा खूब सुनाई पड़ा, जब मुलायम को उनके कार्यकर्ता दोबारा मुख्यमंत्री बनते देखने चाहते थे.

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'मिले मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम'. ये मुलायम के नाम पर बना वो नारा था जिसकी वजह से मुलायम सिंह यादव को सबसे ज्यादा आलोचना का शिकार होना पड़ा.

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'मन से हैं मुलायम, इरादे लोहा हैं'. दरअसल यह स्लोगन एक गीत की लाइन है, जिसे मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी उदय प्रताप सिंह ने लिखा है.

मुलायम सिंह यादव. | फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव
मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता | फोटो कोलाज: यूपी तक