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सलीम वास्तिक केस से लेकर बदायूं तक, जीरो टॉलरेंस और 'क्विक एक्शन', कैसे योगी सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाने में निभाई भूमिका

योगी सरकार का 'क्विक एक्शन' मॉडल: सलीम वास्तिक केस, बदायूं कांड और LPG कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति से अपराधियों में खौफ. सोशल मीडिया पर त्वरित फीडबैक और जमीनी कार्रवाई ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर.

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CM Yogi
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लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. कभी 'लचर कानून व्यवस्था' और 'लालफीताशाही' के लिए पहचाने जाने वाले इस प्रदेश में आज जीरो टॉलरेंस और क्विक एक्शन सरकार की पहचान बन चुके हैं. बीते एक महीने के दौरान योगी सरकार ने इसकी एक मजबूत झलकी फिर पेश की है. सलीम वास्तिक केस हो, बदायूं की कानून-व्यवस्था का मामला हो या फिर एलपीजी (LPG) की कालाबाजारी पर नकेल-योगी सरकार ने अपनी प्रशासनिक सक्रियता से न केवल जमीन पर पैठ बनाई है, बल्कि सोशल मीडिया के डिजिटल गलियारों में भी खूब प्रशंसा बटोरी है.