गाजियाबाद के हरीश राणा के परिवार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरीश को इच्छा मृत्यु की अनुमति मिलने के बाद, यूपी सरकार परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल देने में जुट गई है. सीएम योगी के निर्देश पर गाजियाबाद के जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी हरीश राणा के घर पहुंचे. प्रशासन ने तत्काल जन सहयोग से परिवार को ₹2.5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की है.
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मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष से अतिरिक्त मदद और परिवार की आजीविका के लिए एक दुकान आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि परिवार को सभी सरकारी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा.
हरीश राणा 2013 में चौथी मंजिल से गिरने के कारण कोमा में चले गए थे. पिछले 13 वर्षों से वे बिस्तर पर थे. सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 (गरिमापूर्ण जीवन और मृत्यु का अधिकार) के तहत उन्हें 'पैसिव यूथनेशिया' की अनुमति दी है. अगले एक हफ्ते के भीतर हरीश को AIIMS ले जाया जाएगा, जहाँ उनकी लाइफ सपोर्ट ट्यूब्स हटा दी जाएंगी और उन्हें प्राकृतिक मृत्यु की ओर बढ़ने दिया जाएगा.
हरीश के पिता अशोक राणा ने कहा कि 12-13 साल तक सेवा करने के बाद कोई माता-पिता ऐसा नहीं चाहता, लेकिन बेटे के असहनीय दर्द को देखते हुए जनहित में उन्होंने यह लड़ाई लड़ी. हरीश अपनी पढ़ाई के दौरान सिविल इंजीनियरिंग के टॉपर रहे थे और कई पुरस्कार जीत चुके थे.
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