2027 में चंद्रशेखर आजाद के साथ आएंगे अखिलेश यादव? गठबंधन के सवाल का मिल गया जवाब

आयशा शेख़

• 07:04 PM • 27 Oct 2026

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ गठबंधन के सवाल पर कहा, “बिना समझौते के हमारे नेता जीते हैं, क्यों होगा कोई समझौता किसी से?”

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समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ गठबंधन की संभावना पर सीधा जवाब दिया है. लखनऊ में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे चंद्रशेखर आजाद के साथ समझौते को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “बिना समझौते के हमारे नेता जीते हैं, क्यों होगा कोई समझौता किसी से?”

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अखिलेश के इस बयान से साफ है कि फिलहाल वह चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं जता रहे हैं. हालांकि, उनके इस जवाब को गठबंधन की संभावना पर अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता. उन्होंने अपने बयान में किसी भी नए समझौते की घोषणा नहीं की.

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा अपने साथ अलग-अलग वर्गों और समुदायों के नेताओं को जोड़ने की कोशिश कर रही है. मंगलवार को भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप समेत कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ली. इस दौरान अखिलेश ने पीडीए की एकजुटता का भी जिक्र किया.

चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन की चर्चा क्यों?

चंद्रशेखर आजाद नगीना से सांसद हैं और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष हैं. वह 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावना पर अपनी बात रख चुके हैं. अगस्त 2026 में उन्होंने कहा था कि भाजपा को छोड़कर जो भी दल उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहता है, उसका स्वागत है.

चंद्रशेखर के इस रुख के बाद सपा के साथ उनके संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा होती रही है. हालांकि, दोनों नेताओं के बीच गठबंधन को लेकर किसी औपचारिक समझौते की जानकारी सामने नहीं आई है.

कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखने की बात कह चुके हैं अखिलेश

अखिलेश यादव इससे पहले भी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की रणनीति पर अपना रुख बता चुके हैं. अक्टूबर की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि सपा कांग्रेस के साथ अपने मौजूदा गठबंधन को आगे बढ़ाएगी. उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन की संभावना को भी खारिज किया था. 

2027 के चुनाव में गठबंधन का दायरा क्या होगा और कौन-कौन से दल साथ आएंगे, अभी तय नहीं है. अखिलेश के मंगलवार के बयान से इतना जरूर स्पष्ट है कि उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन को लेकर कोई सहमति नहीं जताई है.

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