गोरखपुर में शिक्षक विधायक सीट के नतीजों से पहले समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए. मंगलवार को मतगणना के दिन रिजल्ट आने से पहले उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि परिणाम उनके पक्ष में आएगा.
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भाजपा में दोबारा शामिल होने और जीत के बाद गोरखनाथ मंदिर जाने के सवाल पर भी उन्होंने अपनी बात रखी. संजयन ने साफ कहा कि जब तक राजनीति करेंगे, समाजवादी पार्टी के साथ ही करेंगे.
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने शिक्षकों के मुद्दों को इस चुनाव का केंद्र बताया. उनका कहना है कि इस बार शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतदान किया है. उन्होंने बड़ी संख्या में वोट डालने के लिए शिक्षक मतदाताओं का आभार भी जताया.
'100 फीसदी परिणाम हमारे पक्ष में आने जा रहा है'
यूपी Tak से बातचीत में संजयन त्रिपाठी ने कहा कि वह अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं. जब उनसे पूछा गया कि अगर परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया तो क्या वह इसे किस्मत का खेल मानेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह हार मानकर क्यों चलें. उनके मुताबिक, परिणाम शत-प्रतिशत उनके पक्ष में आने जा रहा है.
79.3 फीसदी मतदान पर शिक्षकों का जताया आभार
संजयन त्रिपाठी ने बताया कि इस चुनाव में 79.3 फीसदी मतदान हुआ है. उन्होंने कहा कि छुट्टी के दिन भी बड़ी संख्या में शिक्षक वोट डालने निकले. उनके मुताबिक, शिक्षकों के उत्साह और अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद को दिखाता है.
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को लग रहा था कि पुरानी पेंशन की बहाली और मानदेय जैसे मुद्दों पर समाधान निकल सकता है. संजयन के अनुसार, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति दी है. उन्होंने कहा कि मतगणना के बाद जीत की स्थिति में वह शिक्षकों का आभार जताएंगे.
गोरखनाथ मंदिर जाएंगे या BJP में लौटेंगे?
संजयन त्रिपाठी से पूछा गया कि जीतने के बाद क्या वह गोरखनाथ मंदिर जाएंगे. इस सवाल के पीछे उनकी पुरानी बातचीत का संदर्भ भी था, जिसमें उन्होंने मंदिर से अपनी राजनीतिक शुरुआत का जिक्र किया था.
इस पर उन्होंने कहा कि मंदिर बहुत सारे हैं और वह किसी भी मंदिर में जा सकते हैं. कहा कि भगवान उनके हृदय में हैं और वह उन्हें अपने मन में स्थापित करते हैं. उनके जवाब से साफ है कि वे अगर चुनाव में जीत जाते हैं तो गोरखनाथ मंदिर नहीं जाएंगे.
BJP में वापस जाने के सवाल पर संजयन ने इसे अप्रासंगिक बताया. उन्होंने स्पष्ट कहा, "राजनीति जब तक करूंगा, समाजवादी करूंगा. जिस दिन मन उब जाएगा, उस दिन छोड़ दूंगा." उन्होंने अपने पेशे का जिक्र करते हुए कहा कि वह अध्यापक हैं और किताब लेकर पढ़ाने वाले व्यक्ति हैं.
भाजपा ने नहीं बनाया उम्मीदवार तो थामा था सपा का दामन
संजयन त्रिपाठी पहले भाजपा से टिकट के दावेदार थे. पार्टी ने उनकी जगह ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया तो उन्होंने बगावत कर दी. इसके बाद सपा ने अपने पहले घोषित उम्मीदवार कमलेश यादव की जगह संजयन को टिकट दे दिया. इस तरह वह भाजपा के संभावित उम्मीदवार से सपा के प्रत्याशी बन गए.
गोरखनाथ मंदिर और संजयन त्रिपाठी
जब संजयन भाजपा से शिक्षक MLC का टिकट मांग रहे थे और पार्टी ने उनकी जगह ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बना दिया था. तब टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय नामांकन किया और फिर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. सपा ने उन्हें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया.
इसी दौरान उन्होंने 2 अक्टूबर को संजयन ने कहा था कि उनकी राजनीति की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर से हुई और उन्होंने योगी आदित्यनाथ के साथ राजनीति का ककहरा सीखा था.
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