UP MLC चुनाव गड़बड़ी मामला: सपा प्रत्याशी के आरोपों के बाद EC का बड़ा ऐक्शन, 6 अधिकारी सस्पेंड, 21 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

यूपी तक

• 11:04 AM • 27 Oct 2026

आगरा MLC चुनाव में बूथ कैप्चरिंग और सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल के रोने के बाद चुनाव आयोग ने 6 अधिकारियों को सस्पेंड करने और 21 कर्मचारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया.

UP MLC Election Update

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उत्तर प्रदेश के MLC चुनाव के दौरान आगरा में हुआ बवाल अब अधिकारियों की गाज बनकर गिरा है. 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्याशी आकाश अग्रवाल के कैमरे के सामने रोने और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि 21 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया है.

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3 बूथों का चुनाव हुआ था रद्द

यह पूरा मामला आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से जुड़ा है. 23 अक्टूबर को हुए मतदान में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने बूथ नंबर 20, 21 और 26 पर हुए मतदान को रद्द कर दिया था और दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया था. जांच के बाद अब आयोग ने बूथ नंबर 21 और 26 पर तैनात रहे छह अधिकारियों को सस्पेंड करने का निर्देश जारी किया है.

इन अधिकारियों पर गिरी गाज:

बूथ नंबर 21 (सैंया): यहां तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरिशरण सिंह और एत्माद्दौला थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार को सस्पेंड करने का निर्देश दिया गया है.

बूथ नंबर 26 (फतेहाबाद): यहां ड्यूटी पर रहे सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम पाल और एकता थाने के सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का निर्देश मिला है.

10 दिनों में तैयार होगी चार्जशीट

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए तैनात ये अधिकारी प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम रहे, जिसे ड्यूटी में गंभीर लापरवाही माना गया है. आयोग ने संबंधित अधिकारियों को इन छह कर्मचारियों के खिलाफ 10 दिन के अंदर चार्जशीट तैयार करने का आदेश दिया है. चार्जशीट जारी करने से पहले इसका ड्राफ्ट जांच के लिए आयोग को भेजना होगा. इसके साथ ही जल्द अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है.

21 अन्य कर्मचारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई

सस्पेंड किए गए छह अधिकारियों के अलावा 21 अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिरने वाली है. इनमें 5 मतदान अधिकारी (2 पीठासीन अधिकारी और 3 मतदान अधिकारी) और 16 पुलिसकर्मी (5 हेड कांस्टेबल तथा 11 कांस्टेबल) शामिल हैं, जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

23 अक्टूबर को आखिर क्या हुआ था?

23 अक्टूबर को मतदान के दिन सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने खेरागढ़ के बूथ नंबर 20 पर बूथ कैप्चरिंग का गंभीर आरोप लगाया था. उनका दावा था कि जब पीठासीन अधिकारी खाना खा रहे थे, तब मतदाताओं को बाहर निकालकर कमरा बंद कर लिया गया. इसके अलावा उन्होंने छाता के बूथ नंबर 40 पर भी गड़बड़ी की बात कही थी.

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए आकाश अग्रवाल भावुक होकर रो पड़े थे और उन्होंने समर्थकों व शिक्षकों को परेशान किए जाने के आरोप लगाए थे. अब उनके इन आरोपों और मतदान में हुई गड़बड़ियों के आधार पर चुनाव आयोग ने यह सख्त कदम उठाया है.

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