'कंप्यूटर जातिवादी नहीं है...' CEO यूपी के इस जवाब पर क्यों मचा बवाल? 'राम ने यादव को मारा' पोस्ट पर घिरे अधिकारी तो फिर दी ये सफाई

आशुतोष चौबे

• 01:37 PM • 27 Oct 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के आधिकारिक X हैंडल से की गई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है. मामला बलिया की विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में दर्ज एक विवादित नाम से जुड़ा है.

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Chief Electoral Officer of UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के आधिकारिक X हैंडल से की गई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है. मामला बलिया की विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में दर्ज एक विवादित नाम से जुड़ा है. सूची में 'राम ने यादव को मारा' जैसा नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और अन्य नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे. इसके जवाब में CEO यूपी के आधिकारिक हैंडल से तीखी टिप्पणी की गई, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई. विवाद बढ़ने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पोस्ट की भाषा और लहजे को अनुचित मानते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और भविष्य में मर्यादित संवाद का भरोसा दिया.

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मतदाता सूची में नाम को लेकर उठे सवाल

विवाद की शुरुआत बलिया में विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में दर्ज एक अजीबोगरीब नाम से हुई. सूची में 'राम ने यादव को मारा' नाम सामने आने के बाद AAP नेता राजेश यादव और सांसद संजय सिंह ने चुनाव आयोग से सवाल किए. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कंप्यूटर की गलती में किसी यादव को ही क्यों निशाना बनाया गया. इस मामले को लेकर चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर और उसकी निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए गए. इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया.

CEO यूपी के आधिकारिक हैंडल से आई तीखी टिप्पणी

नेताओं के सवालों के जवाब में CEO उत्तर प्रदेश के आधिकारिक X हैंडल से व्यंग्यात्मक लहजे में पोस्ट किया गया. टिप्पणी में कहा गया कि कंप्यूटर जातिवादी नहीं है और किस्मत से गलती में भी जाति या किसी अल्पसंख्यक के साथ भेदभाव नहीं हुआ. सरकारी अधिकारी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस्तेमाल की गई इस भाषा को लेकर नाराजगी बढ़ने लगी. लोगों ने टिप्पणी के लहजे और शब्दों पर आपत्ति जताई. विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया, जब मामला चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की सार्वजनिक संवाद शैली से जुड़ गया.
 

CEO ने स्वीकार की गलती

विवाद बढ़ने और लोगों की नाराजगी के बाद CEO उत्तर प्रदेश के आधिकारिक X हैंडल से दूसरा पोस्ट जारी कर खेद जताया गया. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्वीकार किया कि पहले पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा, भाव और तीखा लहजा एक सरकारी संस्थान की गरिमा के अनुरूप नहीं था. उन्होंने टिप्पणी से अचंभित और नाराज हुए लोगों से ईमानदारी से माफी मांगी. साथ ही आश्वासन दिया कि भविष्य में आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संवाद शालीन, मर्यादित और औपचारिक रखा जाएगा. इस तरह मतदाता सूची में दर्ज नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद CEO यूपी के आधिकारिक पोस्ट और उसके बाद आई माफी तक पहुंच गया.