उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की चरखारी सीट से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत एक बार फिर चर्चा में हैं. सरकारी बीज गोदाम के प्रभारी सोनू यादव को थप्पड़ मारने का उनका वीडियो वायरल हुआ है. बताया जा रहा है कि विधायक ने महोबा के राजकीय कृषि बीज भंडार पर छापा मारा था. उन्होंने गोदाम प्रभारी पर किसानों के लिए आए सरकारी चने के बीज की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया. इसी दौरान सोनू यादव को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया. वीडियो में विधायक सोनू यादव से सपा चीफ अखिलेश यादव से मिलने को लेकर भी सवाल करते नजर आते हैं.
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इस घटना के बाद विधायक के पुराने विवाद भी चर्चा में आ गए हैं. बृजभूषण राजपूत को उनके समर्थक गुड्डू भैया के नाम से जानते हैं. वह 2017 में पहली बार चरखारी विधानसभा सीट से विधायक बने थे. 2022 में उन्होंने इसी सीट से दोबारा जीत दर्ज की. क्षेत्रीय मुद्दों, बिजली-पानी की समस्याओं और बुंदेलखंड से जुड़े सवालों को उठाने के लिए उनकी पहचान है. हालांकि, उनका आक्रामक अंदाज भी कई बार विवादों की वजह बना है.
बीज गोदाम प्रभारी पर कालाबाजारी का आरोप
महोबा के राजकीय कृषि बीज भंडार पर छापेमारी के दौरान विधायक बृजभूषण राजपूत ने गोदाम प्रभारी सोनू यादव पर सरकारी चने के बीज की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया. इसी दौरान थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया. विधायक ने कहा कि किसानों को मुफ्त में दिए जाने वाले बीज को बेचने की कोशिश की जा रही थी और उन्होंने संबंधित लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है.
विधायक बृजभूषण ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और उन्हें जेल भिजवाने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों का हक मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि, इस मामले में आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के नतीजे सामने आना बाकी हैं.
लॉकडाउन में सब्जी विक्रेता को धमकाने का वीडियो हुआ था वायरल
बृजभूषण राजपूत का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है. साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के समय उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें वह एक सब्जी विक्रेता को धमकाते नजर आए थे. विधायक ने उस समय वीडियो में खुद के होने की पुष्टि की थी और सब्जी विक्रेता पर गलत नाम बताने का आरोप लगाया था.
उनकी छवि को लेकर समर्थकों और विरोधियों की राय अलग-अलग रही है. समर्थक उनके आक्रामक अंदाज को पसंद करते हैं, जबकि विरोधी उनके व्यवहार पर सवाल उठाते रहे हैं.
गोवर्धन नाथ मंदिर की संपत्ति को लेकर भी हुआ था विवाद
साल 2019 में चरखारी के ऐतिहासिक गोवर्धन नाथ मंदिर की संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया था. इस मामले में विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके पिता गंगाचरण राजपूत पर गंभीर आरोप लगे थे. मंदिर की संपत्ति को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी.
अपनी ही सरकार के मंत्री का काफिला रोकने पर आए थे चर्चा में
जनवरी 2026 में बृजभूषण राजपूत एक बार फिर सुर्खियों में आए थे. जल जीवन मिशन के तहत खराब सड़कों और कामकाज को लेकर उन्होंने अपनी ही सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोक लिया था. इस दौरान काफी देर तक हंगामा हुआ था.
घटना के बाद बीजेपी की ओर से उनसे जवाब मांगे जाने की बात सामने आई थी. उनके पिता गंगाचरण राजपूत भी बेटे के बचाव में आए थे. बृजभूषण राजपूत ने सफाई देते हुए कहा था कि वहां मौजूद लोग उनके समर्थक नहीं, बल्कि पानी की समस्या से परेशान आम लोग थे. उन्होंने यह भी कहा था कि क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी थी.
इस घटना के बाद उनके बीजेपी छोड़ने की अटकलें भी लगाई गई थीं. हालांकि, उनके पिता ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि उनका परिवार शुरू से बीजेपी के साथ है. गंगाचरण राजपूत ने यह भी कहा था कि अगर बेटे से गलती हुई है तो वह झुकने को तैयार हैं.
दशहरे पर शस्त्र पूजन की तस्वीरें भी आई थीं सामने
दशहरे के मौके पर बृजभूषण राजपूत के शस्त्र पूजन का एक वीडियो भी सामने आया था. इसमें करीब 200 बंदूकें, पिस्तौल और राइफलें रखी दिखाई दी थीं. साथ ही 151 तलवारें भी नजर आई थीं. वीडियो में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और आरती के बीच हथियारों और तलवारों का पूजन किया जा रहा था.
इन तस्वीरों को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई थी. विरोधियों ने सवाल उठाए थे कि विधायक इस तरह के आयोजन के जरिए क्या संदेश देना चाहते हैं.
पिता गंगाचरण राजपूत का भी रहा है राजनीतिक सफर
बृजभूषण राजपूत की राजनीति को समझने के लिए उनके पिता गंगाचरण राजपूत के राजनीतिक सफर का भी जिक्र जरूरी है. गंगाचरण राजपूत तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं. साल 2009 में वह राज्यसभा भी पहुंचे थे. इस तरह उनके परिवार की राजनीतिक पहचान विधानसभा से लेकर संसद तक रही है.
गंगाचरण राजपूत का नाम भी एक बड़े विवाद में आया था. 18 मई 2004 को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पिस्तौल लहराई थी. कथित तौर पर उन्होंने धमकी दी थी कि अगर सोनिया गांधी प्रधानमंत्री नहीं बनीं तो वह बड़ा कदम उठा लेंगे. यह घटना लंबे समय तक राजनीतिक चर्चा में रही.
अब बीज गोदाम प्रभारी सोनू यादव को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद बृजभूषण राजपूत एक बार फिर चर्चा में हैं. इस घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी.
इस रिपोर्ट को तैयार करने में महोबा से सहयोगी नाहिद अंसारी ने मदद की.
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