UP Politics: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सपा को बड़ा झटका लगा है. अमेठी की गौरीगंज सीट से सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या की गोशाईगंज सीट से सपा के बागी विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी सीट से समाजवादी पार्टी के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी अब आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. विधायक राकेश प्रताप सिंह ने खुद गुरुवार को इस बात का औपचारिक ऐलान किया है. उन्होंने बताया है कि आगामी 14 अक्टूबर को वे अपने हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता लेंगे.
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गौरीगंज में होगा भव्य सदस्यता कार्यक्रम
राकेश प्रताप सिंह ने बताया, 14 अक्टूबर को गौरीगंज में उनके आवास के पास एक बड़ा सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद स्मृति ईरानी और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के कई बड़े नेता शामिल होंगे. गुरुवार दोपहर अपने आवास पर बीजेपी में जाने का ऐलान करते हुए राकेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जो व्यक्ति राम और राष्ट्र का नहीं है, वह उनके साथ आगे नहीं चल सकते हैं.
विधायक राकेश प्रताप सिंह की प्रोफाइल
मऊ, गौरीगंज में जन्मे राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की 185-गौरीगंज सीट से विधायक हैं और वर्तमान में विधानसभा में निर्दलीय उम्मीदवार हैं. हाईस्कूल तक शिक्षा प्राप्त करने वाले राकेश प्रताप सिंह साल 2012, 2017 और मार्च 2022 में लगातार तीन बार विधानसभा सदस्य चुने जा चुके हैं. 2022 में राकेश सिंह सपा के टिकट पर तीसरी बार विधायक चुने गए थे. 2024 के राज्यसभा चुनाव के बाद सपा से बागी विधायकों में शामिल हो गए थे. जून 2025 में सपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था. अपने राजनीतिक सफर के दौरान वह प्राक्कलन समिति और पुस्तकालय समिति के सदस्य भी रहे हैं. इसके अलावा, वे बजरंग सिंह जन कल्याण समिति के तीन साल तक अध्यक्ष रहे हैं और पार्टी आंदोलनों के दौरान वह सुल्तानपुर जिला जेल में भी बंद हुए हैं.
गोशाईगंज विधायक अभय सिंह का सफर
जौनपुर में जन्मे अभय सिंह अयोध्या (फैजाबाद) जिले की 276-गोशाईगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं. राकेश प्रताप सिंह की तरह ही यह भी विधानसभा में निर्दलीय उम्मीदवार हैं. स्नातक (ग्रेजुएशन) तक की पढ़ाई करने वाले अभय सिंह पहली बार मार्च 2012 में और दूसरी बार मार्च 2022 में विधायक निर्वाचित हुए थे. अभय सिंह 2022 में सपा के टिकट से चुनाव जीते थे. हालांकि, 2024 के राज्यसभा चुनाव के बाद उन्होंने सपा से दूरी बना ली थी, जिसके बाद जून 2025 में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था. अभय सिंह प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति और सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति के सदस्य रह चुके हैं. इसके साथ ही साल 2007 से लेकर अब तक गंगारथी रामफेर एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं. अपनी राजनीतिक यात्रा में वे आईपीसी (IPC) की धारा 151 के तहत कई बार जेल भी जा चुके हैं.
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी का परिचय
जालौन जिले के ऐर में जन्मे विनोद चतुर्वेदी 220-कालपी सीट से समाजवादी पार्टी के बागी विधायक हैं. स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) और एलएलबी की पढ़ाई कर चुके चतुर्वेदी पहली बार अप्रैल-मई 2007 में और दूसरी बार सपा के टिकट से मार्च 2022 में विधायक चुने गए थे. समाजवादी पार्टी से पहले उनका कांग्रेस में एक बहुत लंबा और अहम राजनीतिक सफर रहा है. वे साल 1982 में ग्राम प्रधान चुने गए थे. इसके बाद वे जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जैसे कई बड़े पदों पर रहे हैं. वर्तमान में वे उरई में आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्रबंधक और आचार्य नरेन्द्र देव इंटर कॉलेज के सदस्य भी हैं.
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