योगी सरकार का फोकस, प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

यूपी तक

• 11:00 AM • 17 Oct 2026

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा के साथ कौशल, स्वावलंबन और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है.

Yogi government Project Praveen

Yogi ुovernment Project Praveen (Photo: AI Generated)

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा के साथ कौशल, स्वावलंबन और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है. इसी क्रम में प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल से लैस करने के लिए ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रदेश के 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. प्रशिक्षण कक्षाएं आगामी 2 नवंबर से शुरू होंगी.

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योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक स्कूली शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार प्राप्त करने के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें. विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित वर्ग की बालिकाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उनके लिए आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार किए जाएंगे.

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शिक्षा के साथ कौशल, बेटियों के सशक्तीकरण पर जोर

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बेटियों को सशक्त, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार का प्रयास है कि बेटियों को शिक्षा के साथ ऐसा व्यावहारिक कौशल भी मिले, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करे और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक बने.

उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति और कौशल विकास मिशन के समन्वय से महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण को नई दिशा मिल रही है. प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से छात्राओं को कम उम्र से ही हुनरमंद बनाकर उनके आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत किया जाएगा.

एआई से लेकर ग्रीन जॉब्स तक, आधुनिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत छात्राओं को हेल्थकेयर, आईटी-आईटीईएस, अपैरल, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और ग्रीन जॉब्स जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कंप्यूटर तकनीक और सॉफ्ट स्किल्स को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है. इससे छात्राओं को तकनीकी दक्षता के साथ व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिलेगा.

प्रशिक्षण की अधिकतम अवधि 300 घंटे निर्धारित की गई है. संबंधित पाठ्यक्रमों के साथ मिशन पोर्टल पर उपलब्ध एआई कोर्स अथवा ‘युवा एआई फॉर ऑल’ का अध्ययन अनिवार्य होगा. प्रशिक्षण शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर छात्राओं को पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. इसके वितरण का प्रमाण मिशन पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा.

2 नवंबर तक कक्षाएं शुरू करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने संबंधित प्रशिक्षण प्रदाताओं और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) को सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए हैं. प्रशिक्षण केंद्रों की स्वीकृति, छात्राओं का पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर प्रत्येक दशा में 2 नवंबर 2026 तक कक्षाएं प्रारंभ करने को कहा गया है. मिशन पोर्टल पर केंद्र और बैच की स्वीकृति के लिए आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकारियों को दो कार्यदिवस के भीतर निर्णय लेना होगा.

प्रशिक्षण एनसीवीटी और एनएसक्यूएफ मानकों के अनुरूप संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल के पाठ्यक्रम के आधार पर दिया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद छात्राओं का मूल्यांकन भी संबंधित काउंसिल के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और छात्राओं की दक्षता का आकलन सुनिश्चित किया जा सके.

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गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए नियमित निगरानी

प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयां प्रत्येक 15 दिन में प्रशिक्षण केंद्रों और उपलब्ध उपकरणों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी. मिशन निदेशक ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण निर्धारित समय पर शुरू नहीं करने अथवा गुणवत्ता के मानकों में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत आगरा, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, एटा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संभल, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी समेत विभिन्न जनपदों के विद्यालयों को शामिल किया गया है.