उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही कानपुर देहात की हॉट सीट मानी जाने वाली सिकंदरा विधानसभा का सियासी पारा चढ़ने लगा है. इस सीट पर जातियों के दिलचस्प समीकरण विशेषकर कुर्मी, पाल, ठाकुर और ब्राह्मण बहुलता के चलते सभी राजनीतिक दलों में टिकट के लिए जबरदस्त खींचतान शुरू हो गई है. एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ही खेमों में टिकट पाने के लिए दावेदारों की लंबी फौज खड़ी हो गई है जबकि बहुजन समाज पार्टी ने यहां से अपने प्रत्याशी का ऐलान कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
ADVERTISEMENT
मंत्री अजीत पाल बनाम अन्य दावेदार
अजीत सिंह पाल की मजबूत दावेदारी: सिकंदरा सीट से वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के विधायक अजीत सिंह पाल हैं जो योगी सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री भी हैं. वह दिवंगत नेता मथुरा पाल के बेटे हैं और लगातार दो बार से इस सीट पर जीत दर्ज करते आ रहे हैं जिससे उनका दावा सबसे प्रबल माना जा रहा है.
सांसद के भतीजे और अन्य दावेदार: हालांकि, इस बार टिकट की रेस में उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है. अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद भोले सिंह के भतीजे व सहरा के ब्लॉक प्रमुख आकाश सिंह ऋषि (ठाकुर समुदाय से) भी मैदान में ताल ठोक रहे हैं.
कटिहार (कुर्मी) चेहरे: चूंकि यह क्षेत्र कुर्मी बहुल माना जाता है, इसलिए युवा मोर्चा के परवेश कटिहार और अक्षय कुमार कटिहार भी टिकट के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में बीजेपी के सामने यह तय करना बड़ी चुनौती होगा कि वह मौजूदा मंत्री पर दांव लगाती है या बदलाव करती है.
सपा और 'इंडिया' गठबंधन में दावेदारों का तांता
समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन में भी टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है.
प्रभाकर पांडे की मजबूत दावेदारी: पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके प्रभाकर पांडे इस बार भी प्रबल दावेदार हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने कड़ी टक्कर दी थी. इसके अलावा, सपा 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यत) फॉर्मूले के तहत 'प' से पंडित (ब्राह्मण) समीकरण को साधने की कोशिश में है जिससे प्रभाकर पांडे का दावा मजबूत बनता है.
अन्य नाम: सपा से पवन कटिहार, संतोष त्रिपाठी और पूर्व विधायक मिथिलेश कटिहार भी टिकट की रेस में हैं. वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश कटिहार भी दावेदारी कर रहे हैं. अब अखिलेश यादव और गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व को यह तय करना है कि वे इस सीट पर ब्राह्मण कार्ड खेलते हैं या किसी कुर्मी चेहरे को मैदान में उतारते हैं.
बसपा ने घोषित किया प्रत्याशी
बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने इस सीट पर अपनी चाल चलते हुए पहले ही उम्मीदवार के रूप में अरुण कटिहार के नाम की घोषणा कर दी है, जिससे चुनाव में मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है.
जातीय समीकरण और चुनाव की दिशा
सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में पाल, कुर्मी (कटिहार) और ठाकुर जातियों के साथ-साथ ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या भी अच्छी-खासी है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर जीत-हार का फैसला पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि पार्टियां किस जाति के समीकरण को साधने वाले उम्मीदवार को मैदान में उतारती हैं.
ये भी पढ़ें: CM योगी का बड़ा ऐलान, महानवमी पर 19 अक्टूबर को पूरे यूपी में सार्वजनिक अवकाश
ADVERTISEMENT











