UP News: UGC के नए नियमों पर हंगामा मचा हुआ है. इस नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज सड़कों पर उतर आया है. सवर्ण संगठन और छात्रों ने भी नए नियमों को लेकर मोर्चा खोल दिया है. सामान्य वर्ग के संगठनों ने साफ कह दिया है कि उन्हें ये नियम मंजूर ही और उन्होंने नियमों को वापस लेना या उनमें संशोधन करने की मांग कर दी है.
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इसी को लेकर UP TAK ने राजनीति विश्लेषक लक्ष्मण यादव से बात की है. लक्ष्मण यादव ने यूजीसी नियमों को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी बात रखी है. लक्ष्मण यादव का कहना है इस नियम में ओबीसी वर्ग को कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने जोड़ा है. उन्हें डेटा के साथ तथ्य रखा है कि कॉलेज-विश्वविद्यालयों में ओबीसी वर्ग के साथ भी बड़े स्तर पर भेदभाव होता है. लक्ष्मण यादव का कहना है कि विश्वविद्यालयों में ओबीसी के साथ भेदभाव के आंकड़े बढ़ गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया था.
नीचे दिए गए वीडियो में देखिए लक्ष्मण यादव ने इस पूरे विवाद पर क्या कहा?
अब जानिए यूजीसी कानून को लेकर विवाद
दरअसल 13 जनवरी 2026 के दिन यूजीसी 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशंस' एक्ट लेकर आया. इस कानून के तहत अब कॉलेज-विश्वविद्यालयों में एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों को जातिगत भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा मिलेगी. इसी के साथ जेंडर भेदभाव, विकलांगता को लेकर भेदभाव और धार्मिक भेदभाव के खिलाफ भी सुरक्षा का प्रावधान है. इस कानून के तहत शिक्षण संस्थान में एक सेल बनाया जाएगा. इसमें शिकायतों की सुनवाई होगी. इस समिति में ओबीसी, एससी-एसटी, महिला और दिव्यांग प्रतिनिधि शामिल होंगे.
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