भाजपा ने नगीना सीट पर... पिछले चुनाव में चंद्रशेखर की जीत पर मायावती ने ये क्या कह दिया!

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बसपा प्रमुख मायावती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर तीखा हमला बोला है. मायावती ने उनके राजनीतिक जनाधार पर सवाल उठाते हुए 2024 के नगीना लोकसभा चुनाव में EVM में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं.

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज होती जा रही है. अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर सीधे निशाना साधा है. मायावती ने चंद्रशेखर आजाद के राजनीतिक जनाधार पर सवाल उठाते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

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मायावती का दावा है कि चंद्रशेखर आजाद का अपना कोई जनाधार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नगीना सीट पर EVM में गड़बड़ी कराकर चंद्रशेखर आजाद को चुनाव जितवाया था. मायावती ने आरोप लगाया कि नगीना सांसद भाजपा के इशारे पर काम करते हैं.

आंदोलन की राजनीति पर भी मायावती ने उठाए सवाल

मायावती ने चंद्रशेखर आजाद की आंदोलन की राजनीति पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि नगीना सांसद पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय धरना-प्रदर्शन करवाते हैं. इससे युवाओं पर मुकदमे दर्ज हो जाते हैं. मायावती ने खास तौर पर दलित समाज के लोगों से चंद्रशेखर आजाद के बहकावे में नहीं आने की अपील की है.

अखिलेश पर दोनों कर चुके हैं हमला

यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मायावती और चंद्रशेखर आजाद पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साध चुके हैं. चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव के PDA को लेकर सवाल उठाए थे.

चंद्रशेखर ने कहा था, "कह लेने दो भाई PDA, पीड़ित है, ये बात सही है मगर उनके वाला नहीं." उन्होंने यह भी कहा था कि उनका PDA बदलता रहता है, जबकि उनका PDA नहीं बदल रहा.

उन्होंने PDA की अलग-अलग व्याख्याओं को लेकर भी अखिलेश यादव पर तंज कसा था. चंद्रशेखर के मुताबिक, कभी इसमें पिछड़ा, दलित तो कभी अगड़ी जातियों को लेकर अलग-अलग बातें कही जाती हैं.

मायावती ने PDA रथ के रंग पर साधा था निशाना

चंद्रशेखर आजाद के बाद मायावती ने भी अखिलेश यादव के PDA अभियान पर हमला बोला था. उन्होंने सपा के PDA रथ के रंग को लेकर सवाल उठाए थे. मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए सपा प्रमुख का प्रचारित PDA रथ समाजवादी पार्टी के लाल रंग से ज्यादा RSS और बीजेपी के भगवा रंग का नजर आ रहा है.

अखिलेश यादव ने बाद में मायावती के इस तंज का जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों को रथ का रंग अलग दिखाई दे रहा है. इस बयानबाजी ने दोनों दलों के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान को और सामने ला दिया.

मुस्लिम वोट को लेकर भी मायावती का हमला

मायावती ने अपने बयान में मुस्लिम वोट को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि पिछले चुनावों में मुस्लिम समाज ने सपा को एकतरफा वोट दिया, लेकिन इसके बावजूद यूपी और केंद्र में भाजपा की सरकार बनने से नहीं रोका जा सका.

मायावती ने दावा किया था कि मुस्लिम समाज अब सपा से अपना रुख बदलकर बीएसपी की तरफ कर रहा है. उन्होंने इसकी तुलना ऊंची जातियों में ब्राह्मण समाज के रुख में बदलाव से की थी. यह मायावती का राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उनके बयान से अलग उपलब्ध नहीं है.

अब चंद्रशेखर पर सीधे हमले से क्या संदेश?

मायावती का चंद्रशेखर आजाद पर सीधे हमला करना यूपी की राजनीति में दलित वोटों के बीच दोनों नेताओं की अलग-अलग राजनीतिक दावेदारी को सामने लाता है. चंद्रशेखर आजाद 2024 में नगीना से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. हाल के दिनों में वह सपा और कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर भी अपनी राय रखते रहे हैं.

मायावती ने अब पहली बार चंद्रशेखर आजाद को लेकर इतने सीधे आरोप लगाए हैं. उनके आरोपों में नगीना चुनाव, EVM और चंद्रशेखर की आंदोलन की राजनीति तीनों मुद्दे शामिल हैं.