योगी सरकार की पारदर्शी और डिजिटल खरीद व्यवस्था को मिली राष्ट्रीय पहचान, सार्वजनिक खरीद में उत्तर प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य

यूपी तक

• 12:54 PM • 01 Sep 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर वर्ष 2017 में इसकी स्थापना से अब तक ₹1 लाख करोड़ (₹1 ट्रिलियन) से अधिक की खरीद दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है.

UP Government Procurement

UP Government Procurement (Photo AI Generated)

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UP GeM Procurement: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर वर्ष 2017 में इसकी स्थापना से अब तक ₹1 लाख करोड़ (₹1 ट्रिलियन) से अधिक की खरीद दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है. देश के सभी राज्यों द्वारा जेम के माध्यम से की गई कुल खरीद में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है. यह उपलब्धि प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस, ट्रांसपेरेंसी, एफिशियंसी और इन्क्लूसिव पब्लिक प्रोक्योरमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है.

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तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है. 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया. उत्तर प्रदेश को मिले पुरस्कारों में- जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड शामिल हैं. इन पुरस्कारों को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव शशिभूषण लाल सुशील ने प्राप्त किया.

योगी सरकार के सुशासन मॉडल की बड़ी उपलब्धि

उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल सरकारी खरीद के आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे योगी सरकार के गुड गवर्नेंस और डिजिटल गवर्नेंस मॉडल की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है. जेम के व्यापक उपयोग से सरकारी विभागों की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी, सरल और जवाबदेह बनाने में मदद मिली है. सरकारी खरीद में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक प्रक्रियाओं में होने वाली जटिलताओं को कम करने, अधिक विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा का अवसर देने और सरकारी संस्थानों को बेहतर कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है.

₹1 लाख करोड़ की खरीद ‘वैल्यू फॉर मनी’

जेम पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों ने डिजिटल खरीद व्यवस्था को बड़े पैमाने पर अपनाया है. इसके माध्यम से खरीद प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी, कम्पीटीशन, एफिशियंसी और ‘वैल्यू फॉर मनी’ को मजबूत करने पर जोर दिया गया है. योगी सरकार की नीति के अनुरूप सरकारी खरीद को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के साथ-साथ छोटे और स्थानीय कारोबारियों को भी सरकारी बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है.

एमएसएमई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिले अवसर

जेम के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद को केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित रखने के बजाय एमएसएमई, महिला उद्यमियों, एससी/एसटी वर्ग द्वारा संचालित उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए भी अवसरों का विस्तार किया है. इस व्यवस्था से छोटे उद्यमों को देशभर के सरकारी खरीदारों तक पहुंच बनाने का डिजिटल मंच मिला है. इससे प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार का दायरा बढ़ा है और उन्हें राज्य के बाहर भी अपने उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिला है.

क्षमता निर्माण पर भी जोर

उत्तर प्रदेश की सफलता में ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. राज्य में समय-समय पर अधिकारियों, विभागों और अन्य हितधारकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, ताकि जेम की सुविधाओं और प्रक्रियाओं का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सके. इसी दिशा में किए गए प्रयासों को ‘बेस्ट आउटरीच इनिशिएटिव फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ राष्ट्रीय पुरस्कार के माध्यम से मान्यता मिली है. उत्तर प्रदेश सरकार और जेम के बीच लगातार बेहतर होते समन्वय ने प्रदेश में सार्वजनिक खरीद सुधारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समावेशी और परिणाम आधारित बनाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं.