Sambhal Violence: तुझ को कितनों का लहू चाहिए...संभल जामा मस्जिद मामले पर बोले असदुद्दीन ओवैसी

यूपी तक

• 07:27 PM • 24 Nov 2024

Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के जिला संभल में जामा मस्जिद के सर्वे पर हंगामा हो गया है. मस्जिद का सर्वे के दौरान पुलिस और भीड़ से टकराव हो गया.

Asaduddin Owaisi

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी. (फाइल फोटो)

Google CTA

Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के जिला संभल में जामा मस्जिद के सर्वे पर हंगामा हो गया है. मस्जिद का सर्वे के दौरान पुलिस और भीड़ से टकराव हो गया. इल्जाम है कि पुलिस पर भीड़ ने पत्थर फेंका. इसके बाद संभल में 3 कारों समेत कई बाईकों में आग लगा दी गई. हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई है और कई पुलिसकर्मी घायल हैं.  इस घटना पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया देते हुए यूपी पुलिस की कड़ी निंदा की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. 

यह भी पढ़ें...

ओवैसी ने कही ये बात

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संभल पर बयान दिया. उन्होंने लिखा- 'तुझ को कितनों का लहू चाहिए ऐ अर्ज़-ए-वतन? जो तिरे आरिज़-ए-बे-रंग को गुलनार करें कितनी आहों से कलेजा तिरा ठंडा होगा कितने आँसू तिरे सहराओं को गुलज़ार करें. संभल में पुर-अमन एहतिजाज करने वालों पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा फायरिंग करने कि हम कड़ी निंदा करते हैं, पुलिस की फायरिंग में  तीन नौजवानों की मौत हुई है. अल्लाह से दुआ है के अल्लाह मरहूमीन को मग़फ़िरत अदा करे और उनके घर वालों को  सब्र ए जमील अदा करे. इस हादसे की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए. जो अफ़सर ज़िम्मेदार हैं, उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही होनी चाहिए.'

संभल में बंद हुआ इंटरनेट

घटना के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी इस मसले पर अपनी चिंता जताई. उन्होंने इस हिंसा को मुसलमानों के खिलाफ साजिश करार दिया और वक्फ कानून में बदलाव और मुसलमानों के अधिकारों पर हो रहे हमलों पर गहरी निंदा की. इन सबके बीच, प्रशासन ने किसी भी अफवाह को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी और स्थिति को नियंत्रण में रखने के प्रयास जारी हैं. 

बता दें कि संभल जिले में रविवार को शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुए विवाद ने भयंकर रूप ले लिया. इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. स्थिति इतनी असामान्य हो गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा.