भाजपा के कद्दावर दलित नेता कौशल किशोर की हो गई है अखिलेश यादव से मुलाकात? क्या है उनकी बड़ी मांग

कुमार अभिषेक

• 10:48 AM • 03 Sep 2026

UP News: यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में जानिए बीजेपी नेता कौशल किशोर के बागी तेवर, अपनों द्वारा चुनाव हराने के बड़े आरोप और सपा में शामिल होने की अटकलों का पूरा सच.

File Photo: Akhilesh Yadav and Kaushal Kishore

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UP News: यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण किया गया है. आज के बुलेटिन में पहली बड़ी खबर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के कद्दावर दलित नेता कौशल किशोर के खुले बगावती बयानों पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने पार्टी के भीतर खुद को किनारे लगाए जाने और 2024 लोकसभा चुनाव में अपनों द्वारा ही हराए जाने का बड़ा आरोप लगाया है. दूसरी बड़ी खबर कौशल किशोर द्वारा अपने बेटे विकास किशोर के राजनीतिक भविष्य और मलिहाबाद सीट से टिकट को लेकर पार्टी नेतृत्व को दी गई शर्त से जुड़ी है. वहीं तीसरी बड़ी खबर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में उनके शामिल होने की सियासी अटकलों और सपा द्वारा इस 'बड़े कैच' को लपकने की तैयारियों पर आधारित है.

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'पार्टी में मुझे किनारे लगाने की साजिश', कौशल किशोर ने बयां किया दर्द

बीजेपी के दो बार सांसद रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी को बेनकाब कर दिया है. यूपी Tak से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी के भीतर कुछ लोग उन्हें चुन-चुनकर किनारे लगाने की कोशिश कर रहे हैं और सरकारी या पार्टी के कार्यक्रमों में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है.

कौशल किशोर ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के ही कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ डटकर काम किया, गद्दारी की और उन्हें चुनाव हरवाया. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी विरोधी काम किया, आज वे ही बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द बैठे नजर आते हैं. उनके हालिया ट्वीट्स जैसे "विचारधारा का मोल न रहना" और "गेंद की तेजी से गिरती स्पीड" भी पार्टी हाईकमान को सीधा संदेश दे रहे हैं.

बेटे विकास किशोर के टिकट पर अड़े कौशल किशोर

कौशल किशोर ने अपने और अपने परिवार के चुनावी भविष्य को लेकर बड़ा रुख साफ कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे खुद या उनकी पत्नी (वर्तमान विधायक जय देवी) आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी जगह उनके बेटे विकास किशोर, जो अनुसूचित जाति मोर्चे के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रहे हैं, मलिहाबाद से पार्टी के प्रत्याशी होने चाहिए.

कौशल किशोर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे 15 चुनाव लड़े हैं और 12 हारे हैं, इसलिए उन्हें चुनाव जीतना और हराना दोनों अच्छे से आता है. उन्होंने साफ कर दिया कि बेटे की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना ही उनकी प्राथमिकता है और पार्टी को इस पर जल्द निर्णय लेना होगा.

अखिलेश यादव से बात की चर्चाओं पर बोले कौशल किशोर: 'पार्टी के लोग ही अफवाह फैलाकर मुझे भगाना चाहते हैं'

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में जाने की लगातार आ रही खबरों पर विराम लगाते हुए कौशल किशोर ने कहा कि उनकी फिलहाल अखिलेश यादव या कांग्रेस के किसी बड़े नेता से कोई बात नहीं हुई है. हालांकि, उन्होंने यह आरोप जरूर लगाया कि बीजेपी के ही कुछ लोग यह झूठी खबर फैला रहे हैं कि वे सपा में जा रहे हैं, ताकि उन्हें अपमानित करके पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सके.

उन्होंने कहा कि वे फिलहाल पार्टी के फैसले का इंतजार करेंगे, लेकिन अगर उन्हें सम्मान नहीं मिला और किनारे करने की कोशिश जारी रही, तो वे आगे का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अवध क्षेत्र में पासी समाज के इस सबसे बड़े चेहरे पर समाजवादी पार्टी की पैनी नजर है और मौका मिलते ही अखिलेश यादव इस बड़े दलित नेता को अपने पाले में लाने में देर नहीं करेंगे.

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