सवर्णों को टिकट नहीं दे रहे हैं चंद्रशेखर आजाद? 45 प्रत्याशियों की जारी की लिस्ट

कुमार अभिषेक

• 12:02 PM • 01 Aug 2026

यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में देखिए चंद्रशेखर आजाद द्वारा 45 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के सियासी मायने और भदोही का नाम बदलने पर मायावती द्वारा योगी सरकार की तारीफ की पूरी खबर.

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यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' राज्य की तीन बड़ी खबरों का विस्तृत विश्लेषण लेकर आया है. आज की पहली खबर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण द्वारा 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपने 45 प्रभारियों की पहली सूची जारी करना. दूसरा, इस सूची के बाद यूपी की राजनीति में एकला चलो का संदेश और विपक्षी गठबंधन (PDA) में संभावित सेंध और तीसरा, भदोही जिले का नाम फिर से 'संत रविदास नगर' किए जाने पर बसपा सुप्रीम मायावती का योगी सरकार को खुलकर धन्यवाद देना शामिल है.

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चंद्रशेखर आजाद ने की 45 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी

आजाद समाज पार्टी (कांसीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद पूरी तरह से 2027 के चुनावी मोड में आ गए हैं. बसपा की तर्ज पर चंद्रशेखर ने अपने 45 विधानसभा प्रभारियों के नामों का ऐलान कर दिया है जिन्हें उनका आगामी उम्मीदवार माना जा रहा है.

पहली लिस्ट का सामाजिक समीकरण

दलित: 18

ओबीसी (OBC): 16

मुस्लिम: 10

सिख: 01

चंद्रशेखर की इस पहली सूची में सवर्ण (जनरल) समाज के लिए फिलहाल कोई जगह नहीं है. चंद्रशेखर ने 85 बनाम 15 के समीकरण को साधते हुए दलित, पिछड़ा और मुस्लिम कार्ड खेला है. इसमें बीजेपी से आए आदित्य प्रकाश वर्मा को हाथरस (सुरक्षित) से प्रभारी बनाया गया है जो दलित राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है.

चंद्रशेखर की एकला चलो नीति

चंद्रशेखर द्वारा प्रत्याशियों के ऐलान से यह लगभग साफ हो गया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी दल या इंडिया ब्लॉक (सपा-कांग्रेस) के साथ गठबंधन में नहीं जा रहे हैं.

सियासी मायने

दलित वोटों का बिखराव: मायावती की बसपा और चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी दोनों के अकेले चुनाव लड़ने से दलित वोट बैंक दो हिस्सों में बंट सकता है.

सपा के 'PDA' को झटका: अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वोट बैंक में चंद्रशेखर की यह दावेदारी सीधी सेंध लगा सकती है.

बीजेपी के लिए राह आसान: विपक्षी वोटों (दलित-मुस्लिम-ओबीसी) के बिखराव का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है.

मायावती ने की योगी सरकार की तारीफ

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ तब देखने को मिला जब भदोही जिले का नाम बदलकर दोबारा 'संत रविदास नगर' करने के फैसले पर बसपा प्रमुख मायावती ने योगी सरकार की तारीफ की.

क्या है पूरा मामला?

बसपा शासनकाल के दौरान मायावती ने भदोही का नाम 'संत रविदास नगर' रखा था, जिसे बाद में बदल दिया गया था.

योगी सरकार द्वारा इस नाम को पुनः बहाल करने के मास्टरस्ट्रोक पर मायावती ने सरकार का आभार व्यक्त किया.

एक तरफ जहां चंद्रशेखर सरकार पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी तरफ मायावती का यह कदम यह दिखाता है कि वह सही को सही कहने से पीछे नहीं हटतीं.