यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में राज्य की तीन बड़ी और अहम खबरों का विस्तार से विश्लेषण किया गया है. आज की पहली बड़ी खबर बहुजन समाज पार्टी से जुड़ी है जहां आकाश आनंद के एक बेहद परिपक्व एक्स (ट्विटर) पोस्ट के बाद बुआ-भतीजे (मायावती और आकाश आनंद) के बीच दूरियां खत्म होने और उनकी पार्टी में आधिकारिक वापसी के स्पष्ट संकेत मिले हैं. दूसरी बड़ी खबर लखनऊ में मायावती, आनंद कुमार और आकाश आनंद के बीच हुई 3 घंटे की उस सीक्रेट मीटिंग की इनसाइड स्टोरी है जिसमें दोनों के बीच पैदा हुई गलतफहमियां दूर हुईं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में आकाश की भावी भूमिका पर सहमति बनी. वहीं तीसरी बड़ी खबर 69000 शिक्षक भर्ती मामले से है जिसमें अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की है और आरक्षण विसंगतियों के मुद्दे पर अनुप्रिया पटेल ने एक बार फिर लखनऊ से दिल्ली तक शीर्ष नेतृत्व के सामने मोर्चा संभालने का आश्वासन दिया है.
ADVERTISEMENT
आकाश आनंद का ट्वीट और बसपा में वापसी के साफ संकेत
बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर रहे आकाश आनंद के हालिया एक्स पोस्ट से साफ हो गया है कि पार्टी सुप्रीमो मायावती और उनके बीच रिश्तों पर जमी बर्फ अब पूरी तरह पिघल चुकी है.आकाश आनंद ने दोपहर 12:18 बजे किए गए अपने पोस्ट में मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और 'बुआ मां' का दर्जा दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न तो कभी किसी दूसरी पार्टी में गए हैं और न ही जाएंगे. क्योंकि बीएसपी उनके लिए सिर्फ पार्टी नहीं बल्कि परिवार है. उन्होंने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने के मायावती के फैसले का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने अपने पारिवारिक व व्यक्तिगत हितों से ऊपर पार्टी के मिशन को रखा है.
आकाश ने अपनी चुप्पी और मायावती के पिछले पोस्ट को रीपोस्ट न कर पाने पर सफाई देते हुए क्षमा मांगी और पार्टी के लिए फिर से काम करने का अवसर मांगा. इस ट्वीट को सिर्फ एक मीडिया बयान के रूप में नहीं देखा जा रहा क्योंकि मेवालाल गौतम समेत बसपा के तमाम शीर्ष पदाधिकारियों ने इसे आधिकारिक रूप से पूरे कैडर और मीडिया ग्रुप्स में फैलाया है. इससे साफ है कि मायावती की ओर से आकाश आनंद की पुनर्बहाली की घोषणा अब केवल एक औपचारिकता मात्र रह गई है.
लखनऊ में 3 घंटे की सीक्रेट मीटिंग और आकाश आनंद का नया रोल
आकाश आनंद के इस परिपक्व ट्वीट के पीछे की मुख्य वजह लगभग 4 दिन पहले लखनऊ में हुई एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक रही. जानकारी के मुताबिक, आकाश आनंद अपने पिता आनंद कुमार के साथ लखनऊ स्थित मायावती के आवास पहुंचे थे जहां दोनों के बीच करीब 3 घंटे तक विस्तृत बातचीत हुई. आकाश आनंद अपने साथ तमाम डिजिटल फुटप्रिंट्स और सबूत लेकर आए थे और उन्होंने मायावती को समझाया कि किस तरह कुछ लोग उनके बीच भ्रम और 'कम्युनिकेशन गैप' पैदा करने की कोशिश कर रहे थे.
इस बैठक में आकाश ने मायावती के पैर छूकर माफी मांगी और अपनी बात रखी जिसके बाद दोनों के बीच सारे गिले-शिकवे दूर हो गए. अब सवाल यह है कि वापसी के बाद आकाश आनंद का रोल क्या होगा. माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी सीधी सक्रियता रहेगी. अवध क्षेत्र के बीकापुर सीट से पार्टी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह बबलू के 1 नवंबर को होने वाले नामांकन या घोषणा के साथ ही आकाश आनंद को एक बार फिर संगठन और अभियानों में पूरी ताकत से सक्रिय किया जा सकता है.
अनुप्रिया पटेल से मिला अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल
आज का यूपी की तीसरी बड़ी खबर 69,000 शिक्षक भर्ती में हुए आरक्षण घोटाले के आरोपों से जुड़ी है. इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मिला. अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के साथ आरक्षण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. हालांकि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. लेकिन छात्र चाहते हैं कि सरकार अदालत में मजबूती से उनका पक्ष रखे.
अनुप्रिया पटेल 2022 और 2024 के चुनावों से पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा चुकी हैं. अभ्यर्थियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को हल कराने के लिए एक बार फिर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक शीर्ष नेतृत्व से बात करेंगी. 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले 69,000 शिक्षक भर्ती का यह मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बना हुआ है.
ये भी पढ़ें: यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद सबसे पहले अजय राय ने कही ये बात
ADVERTISEMENT











