Yogi Adityanath News: वैसे तो उत्तर प्रदेश में सिर्फ मिल्कीपुर विधानसभा सीट का ही उपचुनाव हो रहा है लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि दिल्ली चुनाव का एजेंडा भी यूपी ही सेट कर रहा है. इसकी शुरुआत हुई सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के अपने चुनावी भाषण से की. असल में सीएम योगी दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्टार प्रचारक हैं. 23 जनवरी को दिल्ली उनकी पहली रैली थी, जिसमें उन्होंने AAP के चीफ अरविंद केजरीवाल को चैलेंज कर दिया कि जैसे उन्होंने संगम में डुबकी लगाई, केजरीवाल यमुना में डुबकी लगाकर दिखाएं. सीएम योगी दिल्ली में यमुना की गंदगी पर तंज कस रहे थे. पर केजरीवाल भी कहां चूकने वाले थे. उन्होंने पलटकर सीएम योगी से यूपी में पावर कट और स्कूलों का हाल पूछ लिया. मामला यहीं नहीं रुका. दिल्ली चुनाव में AAP का समर्थन कर रही समाजवादी पार्टी और उनके मुखिया अखिलेश यादव मथुरा में यमुना नदी को लेकर सीएम योगी को घेर लिया. इसी कड़ी में AAP सांसद और पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह ने अब लखनऊ की गोमती नदी का जिक्र कर दिया है.
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यानी कुल मिलाकर दिल्ली चुनाव में अब यूपी की नदियों में साफ-सफाई का मुद्दा भी गरमा गया है. आइए आपको सिलसिलेवार इस 'नदी सियासत' की जानकारी देते हैं.
पहले जानिए सीएम योगी ने क्या कहा?
23 जनवरी को सीएम योगी ने दिल्ली के किराड़ी में जनसभा संबोधित किया. सीएम योगी ने कहा, "कल आपने देखा होगा कि मेरे साथ प्रयागराज के संगम में 54 मंत्रियों ने डुबकी लगाई...एक मुख्यमंत्री के तौर पर अगर मैं और मेरे मंत्री संगम में डुबकी लगा सकते हैं, तो मैं आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल से पूछता हूं कि क्या वह भी यमुना जी में जाकर अपने मंत्रियों के साथ डुबकी लगा सकते हैं?" आपको बता दें कि सीएम योगी ने अपनी पूरी कैबिनेट की बैठक 22 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ में की. इसके बाद मंत्रियों के साथ वहीं संगम पर पवित्र डुबकी भी लगाई.
केजरीवाल ने भी दिया जवाब
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने तुरंत ही सीएम योगी को जवाब भी दे दिया. सीएम योगी के संबोधन के बाद केजरीवाल ने अपनी एक जनसभा में कहा, 'आज यूपी के सीएम दिल्ली आए हुए हैं. योगी आदित्यनाथ जी का हम तहे दिल से स्वागत करते हैं. यूपी में डबल इंजन की सरकार है. मैं बस यह पूछना चाहता हूं कि यूपी में कितने घंटे के पावर कट लगते हैं, वे बस ये बता दें दिल्ली की जनता को. वो कह रहे हैं भाजपा को वोट दो...क्यों दें तुमको वोट. नोएडा में 6-6 घंटे के पवार कट लगते हैं. लखनऊ में 8-8 घंटे के लगते हैं.' इसके बाद AAP के सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी सीएम योगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
उधर अखिलेश इस मामले को यूपी में खींच लाए
अखिलेश यादव ने पिछले दिनों दिल्ली चुनाव में AAP को खुला समर्थन देने का ऐलान किया था. जाहिर तौर पर उन्हें गठबंधन धर्म निभाना था और उन्होंने ऐसा किया भी. अखिलेश यादव ने सीएम योगी के साफ नदी के चैलेंज को यूपी केंद्रित कर दिया. अखिलेश ने अपनी एक एक्स पोस्ट में लिखा, 'दूसरों को चुनौती देनेवाले अपने प्रदेश के अंदर मथुरा से गुजरती यमुना जी में आचमन करके दिखा दें.'
फिर हुई संजय सिंह की एंट्री
अब जब मामला यूपी फोकस हुआ, तो इस सियासत में AAP सांसद संजय सिंह ने एंट्री ले ली. उन्होंने मथुरा की बजाय लखनऊ का ही चैलेंज दे दिया. संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, 'योगी जी के घर से 1 किलोमीटर की दूरी पर लखनऊ में आदि गंगा माँ गोमती हैं.
मैं योगी जी के साथ वहाँ चलने को तैयार हूँ वो डुबकी लगायें पूरा देश देखेगा.'
आपको बता दें कि यूपी में भी गंगा, यमुना और गोमती जैसी प्रमुख नदियों में स्वच्छता का मामला हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहता है. विपक्ष का आरोप है कि इन नदियों का हाल बेहद खराब है. कुल मिलाकर देखें तो राजनीति के लिए ही सही नदियों के हाल पर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक एक सियासी बहस छिड़ गई है. अब देखना यह होगा कि इस सियासी बहस का फायदा सिर्फ चुनावी हार जीत तक सीमित रहता है कि नदियों के दिन भी बदलते हैं.
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