Opinion: कल है सीएम योगी का 54वां जन्मदिन, जानें पिछले 9 साल में बेमिसाल विकास कर उन्होंने कैसे बदली यूपी की तकदीर!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर विशेष ओपिनियन. जानिए कैसे पिछले 9 वर्षों में जेवर एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे, जीरो टॉलरेंस कानून-व्यवस्था और धार्मिक पर्यटन के जरिए सीएम योगी ने यूपी को 'ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' की राह पर अग्रसर किया है.

CM Yogi

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यूपी तक

• 04:36 PM • 04 Jun 2026

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Opinion: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम आज केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे प्रशासक के रूप में लिया जाता है जिन्होंने देश के सबसे बड़े राज्य की तस्वीर और तकदीर बदलने का प्रयास किया है. पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने जिस तरह विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश, कानून-व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बदलाव देखा है, उसने प्रदेश को राष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में ला खड़ा किया है. कल यानी 5 जून को उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, जन जन के नेता, गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन है. ये अवसर इसलिए खास है क्योंकि देश और दुनिया में आज जिस उत्तर प्रदेश के विकास की चर्चा हो रही है, उसका श्रेय योगी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने ‘जो कहा, वो करके दिखाया’. 

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यूपी में कैसे पैदा हुए रोजगार के नए अवसर?

आज उत्तर प्रदेश की पहचान केवल जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़े राज्य की नहीं है, बल्कि देश की सबसे तेजी से बदलती अर्थव्यवस्थाओं में भी उसकी गिनती होने लगी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'विरासत और विकास' के जिस मॉडल की बात की थी, वह अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. प्रयागराज महाकुंभ, अयोध्या, काशी, मथुरा, विंध्याचल और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों का विकास योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है. अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर बनने के बाद वहां देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. अयोध्या अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार का भी बड़ा केंद्र बन चुका है. इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, विंध्यवासिनी धाम, बांके बिहारी कॉरिडोर और अन्य धार्मिक परियोजनाओं के माध्यम से सरकार ने सांस्कृतिक धरोहर को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया है. इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का वैश्विक प्रवेश द्वार बन रहा है. जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का नया अध्याय माना जा रहा है. यह परियोजना केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है. एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, होटल, रियल एस्टेट और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. सरकार की योजना प्रदेश के सभी मंडलों को हवाई सेवाओं से जोड़ने की भी है, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले नमो भारत के नये कॉरिडोर को मंजूरी भी मिल चुकी है. अब जल्द ही दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट के बीच हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन दौडेगी और 20 मिनट में ये सफर पूरा हो जाएगा. करीब 11 से 12 स्टेशन का ये कॉरिडोर नोएडा एयरपोर्ट पर आवागमन को काफी आसान कर देगा. दिल्ली को जेवर को जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS की डीपीआर को योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है. 

गंगा एक्सप्रेसवे ने बदले कई समीकरण!

गंगा एक्सप्रेसवे से बदलती दूरी, बदलती तस्वीर. योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गंगा एक्सप्रेसवे सबसे प्रमुख है. लगभग 600 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने का काम कर रहा है. इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई और आसपास के जिलों को मिलने जा रहा है. इन क्षेत्रों से दिल्ली और एनसीआर तक की यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज होगी. जहां पहले कई घंटे अतिरिक्त लगते थे, वहीं एक्सप्रेसवे के माध्यम से परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आएगी. गंगा एक्सप्रेसवे केवल सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि इसके किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और निवेश क्षेत्र आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार पैदा कर सकते हैं.

'प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है'

योगी सरकार की सबसे चर्चित उपलब्धियों में कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए प्रयास शामिल हैं. सरकार का दावा है कि अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई से प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है. 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुल्डोजर अपराधियों के घरों पर चला तो हत्या, डकैती और फिरौती के मामलों में भी यूपी की स्थिति बेहतर हो गई. ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट काफी नीचे है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB की वर्ष 2024 की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, उनसे साफ हो गया है कि CM योगी का डंडा अपराधियों की कमर तोडने में कामयाब हो रहा है. आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश न सिर्फ अपराध नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि महिलाओं को न्याय दिलाने में देशभर में एक उदाहरण बनकर उभरा है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में दर्ज अपराधों की तुलना में यूपी का क्राइम रेट राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. मुख्‍यमंत्री योगी जी के नेतृत्‍व में  भ्रष्टाचार, गुंडाराज, घोटाला, अपराध, जंगलराज, धांधली, तुष्टीकरण, कोरोना, जबरन धर्मांतरण जैसे राक्षसों पर जबरदस्‍त प्रहार हो रहे हैं. गुंडे-माफ‍ियाओं पर शिकंजा कसता जा रहा है. बदमाश गले में तख्‍ती डालकर थाने में स्‍वयं सरेंडर करने आ रहे हैं. बाहुबली और माफ‍िया योगी राज में थर- थर कांप रहे हैं. बिना किसी भेदभाव के, जाति और धर्म को देखे दुस्साहस करने वालों को उनकी ही भाषा में जवाब देने का काम किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "नारी शक्ति वंदन" के विजन को उत्तर प्रदेश में योगी सरकार प्रशासनिक स्तर पर भी लागू करती दिखाई दे रही है. आज प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में महिला जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ महिला अधिकारी तैनात हैं. प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है. महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति, पिंक पेट्रोलिंग, महिला हेल्प डेस्क और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देकर सरकार महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की भागीदार बनाने का प्रयास कर रही है. उत्तर प्रदेश में लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है.

अब हर जिले में है मेडिकल कॉलेज

आज प्रदेश के लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना या निर्माण की दिशा में कार्य हुआ है. गोरखपुर और रायबरेली में एम्स संचालित हो रहे हैं. आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिला है. शिक्षा क्षेत्र में भी नए विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के विस्तार पर जोर दिया गया है. इससे युवाओं को अपने जिले में ही बेहतर शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के अवसर मिल रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खेती-किसानी के क्षेत्र में आए परिवर्तन के कारण अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है. आज किसान समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं. देश की सबसे अच्छी उर्वरा भूमि और सर्वाधिक सिंचित भूमि (86 फीसदी) यूपी में है. रबी-खरीफ व जायद की तीनों फसलों से किसानों को अच्छा दाम भी मिल रहा है. यह किसानों की मेहनत का परिणाम है कि यूपी का बीमारूपन दूर हुआ और राज्य समृद्ध बना. किसानों ने कृषि विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. 

बेहतर कानून-व्यवस्था ने बढ़ाया निवेशकों का विश्वास

निवेशकों का विश्वास बढ़ने के पीछे भी बेहतर कानून-व्यवस्था को एक प्रमुख कारण माना जाता है. यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश बड़े निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने में सफल रहा है. एक समय ऐसा था जब निवेशक उत्तर प्रदेश आने से हिचकिचाते थे. आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए गए हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, रक्षा उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र में नई परियोजनाएं स्थापित हो रही हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. अब उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, तकनीक और नवाचारों को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला एक प्रमुख मंच बन चुका है. प्रदेश के उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और निर्यात क्षेत्र को नए अवसर मिल रहे हैं. 

प्रदेश की शिक्षा और पोषण व्यवस्था को मजबूती देने वाले रसोइयों एवं विद्यालयी कर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है. अब परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) और पीएम पोषण योजना से जुड़े हजारों कर्मियों तथा उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मयोगी कल्याण की सोच के अनुरूप बेसिक शिक्षा विभाग ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जा सके.

रामराज्य की जो परिकल्पना थी, उसे योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार साकार कर रही है. आज प्रदेश के हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान नजर आती है. हर हाथ को रोजगार देने की दिशा में योगी आदित्यनाथ आगे बढ़ रहे हैं. ईश्वर उन्हें जन सेवा कार्य के लिए असीम ऊर्जा प्रदान करें, वे स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों, उनके जन्मदिन पर यही कामना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज नया उत्तर प्रदेश, नई पहचान बना रहा है. उत्तर प्रदेश आज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां धार्मिक आस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचा, निवेश, महिला सशक्तिकरण और सुशासन को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. अयोध्या से लेकर नोएडा एयरपोर्ट तक, गंगा एक्सप्रेसवे से लेकर महिला नेतृत्व तक, प्रदेश की विकास यात्रा कई नए आयाम छू रही है. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की यह परिवर्तन यात्रा आने वाले वर्षों में कितनी दूर तक जाती है, यह भविष्य बताएगा. लेकिन इतना निश्चित है कि आज उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विकास की चर्चा में पहले से कहीं अधिक मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है.

लेखक: डॉ चन्द्र मोहन (लेखक उत्तर प्रदेश भाजपा में प्रदेश मंत्री हैं.)

(Disclaimer: यहां व्यक्त विचार लेखक की व्यक्तिगत राय हैं.)