वाराणसी में 12वीं पास युवक बना फर्जी दरोगा, नकली वर्दी पहनकर पुलिस और नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे लाखों रुपये

यूपी तक

• 12:05 PM • 04 Jul 2026

Varanasi News: वाराणसी में 12वीं पास युवक ने खुद को दरोगा बताकर पुलिस, कचहरी और नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये ठग लिए है. आरोपी ने एडिटिंग ऐप के जरिए फर्जी आईडी बनाई थी. हालांकि चोलापुर पुलिस ने इस फर्जी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया है.

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Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहाँ चोलापुर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो खुद प्रतियोगी परीक्षाओं में पास नहीं हो पाया तो उसने खुद को ही दारोगा घोषित कर दिया. महज 12वीं पास इस युवक ने दरोगा की नकली वर्दी सिलवाकर पुलिस, कचहरी और नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये ठग लिए है. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस फर्जी दरोगा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.

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लाखों रुपये की बड़ी ठगी

पकड़े गए आरोपी का असली नाम राजन प्रजापति है, जिसकी उम्र 23 वर्ष है और वह वाराणसी के शिवपुर का रहने वाला है. राजन ने पुलिस विभाग में अपनी ऊंची पकड़ होने का दावा कर लोगों पर धौंस जमाई. उसने एक युवक किशन विश्वकर्मा को पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और उससे धीरे-धीरे करीब 1.75 लाख रुपये ऐंठ लिए. पैसे मिलने के बाद शातिर राजन ने पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अब तक करीब 8 से 10 लोगों को अपना शिकार बना चुका है. उसने अलग-अलग सरकारी विभागों में नौकरी के नाम पर इन लोगों से लगभग 8 से 10 लाख रुपये की ठगी की है.

एडिटिंग ऐप से बनाया फर्जीवाड़ा

12वीं पास आरोपी राजन प्रजापति पहले खुद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था. परीक्षाओं में सफल न होने के बाद उसने शॉर्टकट से अमीर बनने और रौब झाड़ने के लिए दारोगा बनने का नाटक रचा. तैयारी के दिनों के कारण उसे पुलिस विभाग के काम करने के तरीके की पूरी जानकारी थी. उसने अपने मोबाइल फोन में 'पिक्सआर्ट' नाम के एक एडिटिंग ऐप का इस्तेमाल करके खुद ही कई फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज तैयार किए. वह खुद को मुरदाहा चौकी में तैनात सब इंस्पेक्टर बताता था और असली पुलिस के सामने भी बेखौफ होकर घूमता रहता था.

पुलिस ने किया आरोपी गिरफ्तार

जब ठगी के शिकार हुए किशन विश्वकर्मा को अपने साथ हुए धोखे का अहसास हुआ, तो उन्होंने चोलापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने 1 जुलाई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 267/26 दर्ज कर तुरंत कार्रवाई की और जालसाज को कुरौली गांव से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के पास से एक खाकी वर्दी का सेट, चार स्टार, एक पुलिस बेल्ट, ब्राउन शूज, खाकी मोजे, एक पी कैप, एक बैरेट कैप, दो नेम प्लेट और दो उत्तर प्रदेश पुलिस के बैच बरामद किए हैं. इसके साथ ही फर्जी पहचान पत्रों के साथ दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और एक पैन कार्ड भी जब्त किया गया है.