Saharanpur Mandi Bhav Today: सहारनपुर में बारिश के चलते सब्जियों के दाम आसमान पर, महंगाई से ग्राहक और फुटकर विक्रेता दोनों परेशान

Newzo

• 09:38 AM • 05 Jul 2026

Saharanpur Mandi Bhav 5 july 2026: लगातार हो रही बारिश ने सहारनपुर की सब्जी मंडियों का गणित बिगाड़ दिया है. खेतों से आवक घटने के कारण रोजमर्रा की सब्जियां महंगी हो गई हैं. बढ़ती कीमतों ने जहां आम लोगों का रसोई बजट बिगाड़ दिया है, वहीं कम बिक्री से फुटकर सब्जी विक्रेताओं की कमाई पर भी असर पड़ रहा है.

सहारनपुर में बारिश के चलते सब्जियों के दाम आसमान पर, महंगाई से ग्राहक और फुटकर विक्रेता दोनों परेशान

सहारनपुर में बारिश के चलते सब्जियों के दाम आसमान पर, महंगाई से ग्राहक और फुटकर विक्रेता दोनों परेशान

Google CTA

Saharanpur Mandi Bhav 5 july 2026: सहारनपुर में बारिश का असर अब सब्जियों की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है. मंडी में अधिकांश हरी सब्जियों के दाम पिछले कुछ दिनों में लगभग दोगुने हो गए हैं, जिससे आम ग्राहकों के साथ-साथ फुटकर सब्जी विक्रेताओं की भी परेशानी बढ़ गई है. 

यह भी पढ़ें...

महंगी सब्जियों के कारण लोग अब पहले की तुलना में कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं. स्थानीय सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि पहले ग्राहक एक बार में 10 किलो तक सब्जियां खरीद लेते थे, लेकिन अब बढ़ी हुई कीमतों के चलते अधिकांश लोग 5 किलो या उससे भी कम सब्जी खरीद रहे हैं. इससे खुदरा व्यापारियों की बिक्री पर भी असर पड़ रहा है. मंडी में इस समय प्याज, टमाटर और लौकी जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं. कुछ दिन पहले तक 20 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब 40 रुपये किलो पहुंच गया है. टमाटर और लौकी भी 20 रुपये से बढ़कर 40 रुपये किलो बिक रहे हैं, आलू 20 रुपये किलो के आसपास है, जबकि फूलगोभी 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है.

सब्जी विक्रेता दशरथ गिरी ने बताया कि बारिश के कारण खेतों से सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है, जिससे मंडी में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. उनका कहना है कि पहले सब्जियां काफी सस्ती थीं, लेकिन अब लगभग सभी प्रमुख सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं. महंगाई के कारण ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं, जिससे फुटकर विक्रेताओं की बिक्री भी प्रभावित हो रही है.

व्यापारियों का मानना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं. फिलहाल बढ़ती महंगाई ने आम लोगों के रसोई बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है.