रामपुर: विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे पर गिरेगी गाज? अस्पताल में अधिकारी की कुर्सी पर बैठने के मामले में जांच शुरू

रामपुर में विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे द्वारा PHC का आकस्मिक निरीक्षण करने और डॉक्टर की कुर्सी पर बैठने का मामला गरमाया. सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं.

यूपी तक

• 06:13 PM • 10 Apr 2026

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रामपुर के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे अचानक भारी पुलिस बल के साथ निरीक्षण करने पहुंच गए. हैरानी की बात यह रही कि विधायक पुत्र ने न केवल डॉक्टरों से पूछताछ की, बल्कि प्रोटोकॉल को दरकिनार कर चिकित्सा अधिकारी की मुख्य कुर्सी पर भी कब्जा जमा लिया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब विधायक पुत्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

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प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन

जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में विधायक के आने का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन उनकी जगह उनके बेटे पहुँच गए. विधायक पुत्र के पास कोई भी वैधानिक अधिकार न होने के बावजूद, उन्होंने जिस तरह अधिकारी को दरकिनार कर कुर्सी संभाली और दिशा-निर्देश दिए, उसे सरकारी मर्यादाओं के खिलाफ माना जा रहा है. सोशल मीडिया पर जनता इस 'सत्ता की हनक' का कड़ा विरोध कर रही है.

सीएमओ ने गठित की जांच समिति

मामला तूल पकड़ते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. रामपुर की सीएमओ दीपा सिंह ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है:

जांच समिति: पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है.

बयान: सीएमओ का स्पष्ट कहना है कि बिना अनुमति के ऐसा कदम उठाना स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन है. तथ्य सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस जांच के दायरे में मामला

विधायक पुत्र का पुलिस बल के साथ अस्पताल में प्रवेश करना और प्रशासनिक कार्य में हस्तक्षेप करना अब पुलिस जांच का विषय भी बन सकता है. संबंधित विभाग निष्पक्ष जांच की बात कह रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस अधिकार के तहत एक निजी व्यक्ति ने सरकारी कार्यालय में इस तरह का हस्तक्षेप किया.