झांसी में शादी के 15 महीने बाद 26 साल की प्रिया की मौत, पिता का फूटा गुस्सा, बोले- 'न्याय नहीं मिला तो खुद दोषियों को सजा दूंगा'

Jhansi Priya Mishra Murder Case: झांसी में 14 फरवरी 2025 को धूमधाम से ब्याही गई प्रिया मिश्रा की 15 महीने बाद संदिग्ध मौत. पिता विनोद मिश्रा ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की.

यूपी तक

02 Jun 2026 (अपडेटेड: 02 Jun 2026, 05:59 PM)

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उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. शादी के महज 15 महीने बाद ही एक 26 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस दुखद घटना के बाद से मृतका के मायके वालों में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है.

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यह दर्दनाक मामला झांसी की रहने वाली 26 वर्षीय प्रिया मिश्रा का है. प्रिया की शादी 14 फरवरी 2025 को बेहद धूमधाम और बड़े अरमानों के साथ हुई थी. लेकिन किसे पता था कि विदाई के महज 15 महीने बाद ही उसकी डोली अर्थी में बदल जाएगी. मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही प्रिया को अतिरिक्त दहेज के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. प्रिया एक संस्कारी बेटी की तरह अपने मायके वालों को इस दर्द से बचाने के लिए अक्सर अपनी तकलीफें छुपाया करती थी.

पिता विनोद मिश्रा की भावुक व्यथा और प्रशासन को कड़ी चेतावनी

बिलखते हुए पिता विनोद मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटी की शादी में कोई कमी नहीं छोड़ी थी और उसे हर संभव सुख-सुविधाएं दी थीं. इसके बावजूद ससुराल वालों की लालची मांगें खत्म नहीं हुईं और घर के भीतर उस पर अत्याचार बढ़ते चले गए, जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी. बेटी को खो चुके पीड़ित पिता ने गहरे आक्रोश में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी मांग नहीं सुनी और उन्हें उचित न्याय नहीं मिला, तो वे खुद कानून को अपने हाथ में लेने को मजबूर होंगे और दोषियों को अपने स्तर पर सजा देंगे.

पति और ससुराल वालों पर एफआईआर दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर मृतका के पति और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है. पीड़ित परिवार इस समय पूरी तरह टूट चुका है और न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है कि कानून के जरिए उनकी बेटी के हत्यारों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिलेगी. यह दुखद घटना एक बार फिर समाज में पैर पसारे दहेज प्रथा के कोढ़ के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी है, जो इसके खात्मे के लिए कड़े सामाजिक और कानूनी कदम उठाने की मांग करती है.