गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हाल ही में हुई एक जघन्य वारदात के बाद जहां कुछ दिन पहले तक सिर्फ मातम और गुस्सा व्याप्त था, वहीं अब ढोल-नगाड़े बज रहे हैं. दरअसल, यह ढोल-नगाड़े किसी आम जश्न के नहीं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ प्रशासन की सख्त और जमींदोज करने वाली कार्रवाई की मुनादी के हैं.
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यह पूरा मामला 28 मई यानी बकरीद के दिन का है, जब खोड़ा इलाके में रहने वाले एक छात्र सूर्या चौहान पर जानलेवा हमला हुआ था. मामूली विवाद के चलते सूर्या पर चाकुओं से ताबड़तोड़ कई वार किए गए थे, जिसके कारण तड़प-तड़प कर उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद था, जिसे कभी सूर्या का बेहद करीबी दोस्त माना जाता था. वारदात के बाद फरार हुए असद की गिरफ्तारी पर पुलिस प्रशासन ने तत्काल 50000 का इनाम घोषित किया था. इसके बाद जब पुलिस की विशेष टीम ने असद को दबोचने की कोशिश की, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी असद को मार गिराया.
एनकाउंटर के बाद अब अवैध साम्राज्य पर चोट, तहसीलदार के नेतृत्व में मुनादी
मुख्य आरोपी के एनकाउंटर के ठीक बाद योगी सरकार का सख्त प्रशासनिक रुख देखने को मिला. पुलिस मुठभेड़ के तत्काल बाद स्थानीय प्रशासन की टीम असद के घर पहुंची और उसके द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने का कड़ा आदेश जारी कर दिया. इलाके के तहसीलदार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर ढोल-नगाड़े बजवाए, ताकि पूरे इलाके को इस सख्त कार्रवाई से सूचित किया जा सके. इसके बाद टीम ने असद के अवैध निर्माण पर बेदखली का आधिकारिक नोटिस चस्पा कर दिया. यह त्वरित कार्रवाई साफ दर्शाती है कि अपराधियों और उनके अवैध धंधों के लिए उत्तर प्रदेश में अब कोई जगह नहीं बची है.
3 आरोपी सलाखों के पीछे, 1 अब भी फरार
इस पूरे हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई बेहद आक्रामक और रणनीतिक रही है. वर्तमान स्थिति के अनुसार, मामले में शामिल कुल 3 (3) आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, मुख्य आरोपी असद का पुलिस एनकाउंटर हो चुका है, जबकि 1 (1) अन्य सह-आरोपी अभी भी फरार चल रहा है. फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस और जिला प्रशासन की यह संयुक्त और कड़क कार्रवाई क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रही है, जिससे आम जनता के भीतर सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है और अपराधियों में कानून का खौफ साफ देखा जा सकता है.
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