एक घर, 4 लाशें और दीवार पर लिखा खौफनाक मैसेज! प्रयागराज के साउथ मलाका में क्या हुआ?

प्रयागराज के साउथ मलाका इलाके में एक व्यापारी परिवार के चार लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई. बंद घर से बदबू आने पर पुलिस ने ताला तोड़कर जांच की तो परिवार के मुखिया, पत्नी, बेटी और बाद में बेटे का शव बरामद हुआ.

यूपी तक

03 Jun 2026 (अपडेटेड: 03 Jun 2026, 10:13 AM)

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Prayagraj Family Murder Case: प्रयागराज के साउथ मलाका इलाके से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. एक ही घर से एक ही परिवार के चार लोगों के शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. मामला सिर्फ चार मौतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घर की दीवारों पर लिखे कुछ शब्दों ने इस केस को और भी उलझा दिया. बंद पड़े घर से बदबू आने के बाद जब पुलिस ताला तोड़ किए अंदर गई तो जो नजारा सामने आया उसने पुलिस अधिकारियों तक को हैरान कर दिया. अब हत्या, पारिवारिक विवाद और आपराधिक कनेक्शन समेत हर एंगल से जांच की जा रही है.

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बंद घर से बदबू आने पर खुला राज

यह मामला प्रयागराज के सिटी जोन के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित साउथ मलाका इलाके का है, जहां व्यापारी वीरेंद्र कुमार वैश्य का परिवार रहता था. बताया जा रहा है कि 2 जून को कई दिनों से बंद पड़े घर से तेज बदबू आने लगी. आसपास के लोगों को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी.

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुई. घर के अलग-अलग कमरों में तीन शव पड़े मिले. मृतकों की पहचान परिवार के मुखिया वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य और बेटी मीनाक्षी के रूप में हुई.

पहले बेटे पर गया शक, फिर उसी की भी मिली लाश

शुरुआत में जब घर में तीन शव मिले तो पुलिस और स्थानीय लोगों का शक परिवार के बेटे अभिषेक वैश्य और बहू पर गया, क्योंकि अभिषेक कई दिनों से लापता बताया जा रहा था. आशंका जताई जा रही थी कि घटना को अंजाम देकर वह फरार हो गया होगा.

लेकिन मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब देर शाम पुलिस ने परिवार की दुकानों में तलाशी के दौरान एक बंद दुकान खोली. वहां एक पुरुष का शव बरामद हुआ, जिसे परिजनों ने अभिषेक वैश्य का शव होने की आशंका जताई. हालांकि पुलिस का कहना है कि शव काफी पुराना और खराब हालत में था, इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह पुष्टि हो सकेगी.

दीवारों पर लिखे शब्दों ने बढ़ाया रहस्य

पुलिस जब घर की तलाशी ले रही थी, तभी उन्हें घर की दीवारों और एक बोर्ड पर कुछ ऐसा लिखा मिला जिसने जांच को और उलझा दिया. वहां लिखा था -“बंटी, बबली और बहू ने मारा है”.

इस लिखावट के सामने आने के बाद पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के पीछे कोई पारिवारिक रंजिश, साजिश या पुराना विवाद था. फिलहाल पुलिस इस बारे में कुछ भी साफ तौर पर कहने से बच रही है.

भारी चीज से सिर पर वार कर हत्या की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतकों की हत्या किसी भारी वस्तु से सिर पर हमला कर की गई हो सकती है. शवों पर चोट के निशान भी मिले हैं. हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी. पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है.

एक बेटा पहले से जेल में बंद

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि वीरेंद्र वैश्य का दूसरा बेटा अश्विनी वैश्य पहले से कौशांबी जेल में बंद है. उसके खिलाफ कथित फ्रॉड के कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं. पुलिस अब उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है.

जानकारी के मुताबिक अश्विनी की शादी हो चुकी है और उसकी पत्नी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस पूरे मामले से उसका कोई संबंध तो नहीं.

दोनों भाइयों के रिश्ते अच्छे नहीं थे

स्थानीय लोगों और आसपास के लोगों के मुताबिक परिवार में सबकुछ सामान्य नहीं था. बताया जा रहा है कि अभिषेक वैश्य और अश्विनी वैश्य के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. दोनों भाइयों के बीच कई बार कहासुनी और झगड़े की स्थिति भी बनती थी.

कुछ लोगों का यह भी दावा है कि दोनों भाइयों के नाम पहले कुछ आपराधिक गतिविधियों में सामने आ चुके थे. इसी वजह से पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से जांच रही है.

फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और 5 टीमें जांच में जुटीं

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें लगा दी हैं. फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और पुलिस की विशेष टीमें मौके से सबूत जुटाने में लगी हुई हैं. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है.पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुल पांच टीमें जांच में लगाई गई हैं ताकि जल्द से जल्द इस रहस्यमयी मामले का खुलासा किया जा सके.

घर और दुकान दोनों पर बाहर से लगे थे ताले

पुलिस के अनुसार घर और दुकान दोनों जगह बाहर से ताले लगे हुए थे. ताला तोड़ने के बाद ही फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में अंदर प्रवेश किया गया और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई. वीरेंद्र वैश्य की करीब 12 से 15 दुकानें बताई जा रही हैं, जिनमें से कई किराए पर दी गई थीं. पुलिस ने घर के साथ-साथ दुकानों की भी जांच की है.

रहस्य में उलझा पूरा मामला

एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत, दीवारों पर लिखे नाम, एक बेटे का जेल में होना और दूसरे की संदिग्ध हालत में मिली लाश — इन सबने इस मामले को और भी पेचीदा बना दिया है. फिलहाल पुलिस हर पहलू को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के अगले खुलासे पर टिकी हुई है.

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