Raebareli Mandi Rate 23 July 2026: बढ़ती महंगाई ने रायबरेली के मध्यमवर्गीय परिवारों की थाली का रंग फीका कर दिया है. मंडियों में स्थानीय पैदावार की आवक घटते ही सब्जियों के दाम अचानक आउट ऑफ कंट्रोल हो गए हैं. चाय का स्वाद बढ़ाने वाली अदरक से लेकर खाने की शान धनिया तक, सभी के तेवर कड़े हो चुके हैं. ₹10-20 में मिलने वाली आम सब्जियां भी अब आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं.
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मंडियों में सप्लाई ठप, आसमान पर पहुंचे भाव
स्थानीय मंडियों में सप्लाई कम होते ही सब्जियों के दाम बेकाबू हो गए हैं। जिस धनिया को अक्सर दुकानदार मुफ्त या कौड़ियों के भाव दे दिया करते थे, वही हरी धनिया आज ₹300 प्रति किलो के आंकड़े को छू रही है. वहीं, अदरक ₹200 प्रति किलो के पार पहुंच चुका है.
इतना ही नहीं, हफ्ते भर पहले तक ₹10 से ₹20 प्रति किलो मिलने वाली साधारण सब्जियां जैसे लौकी, तरोई और टमाटर भी अब बाजार में ₹30 से ₹50 प्रति किलो के बीच बिक रही हैं.
बाहर से आ रहा माल, भाड़े ने बढ़ाई कीमत
सब्जी कारोबारियों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर सब्जियों की पैदावार घटने की वजह से अब रायबरेली को दूसरे जिलों और राज्यों की सप्लाई पर निर्भर होना पड़ रहा है. स्थानीय आवक न के बराबर है. बाहर से माल मंगाने में भाड़ा और परिवहन लागत काफी बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है. जब तक मंडियों में लोकल आवक सामान्य नहीं होती, तब तक राहत मिलना मुश्किल है.
सब्जियों के इन कड़े तेवरों ने आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां गायब कर दी हैं और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपनी दैनिक खरीदारी में कटौती करने पर मजबूर कर दिया है.
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