Raebareli News: रायबरेली में गहराया पेयजल संकट, एक बाल्टी मीठे पानी के लिए 2 किमी भटक रहे ग्रामी

Newzo

• 04:24 PM • 21 Jul 2026

Raebareli Water crisis: रायबरेली के सरेनी क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. खारे पानी की समस्या से जूझ रहे हजारों ग्रामीण एक बाल्टी मीठे पानी के लिए दो किलोमीटर तक पैदल जाने को मजबूर हैं. बजट के अभाव में पेयजल योजना अधूरी पड़ी है, जिससे लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.

रायबरेली में गहराया पेयजल संकट, एक बाल्टी मीठे पानी के लिए 2 किमी भटक रहे ग्रामी

रायबरेली में गहराया पेयजल संकट, एक बाल्टी मीठे पानी के लिए 2 किमी भटक रहे ग्रामी

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Raebareli Water crisis : जिले के सरेनी विकास क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को एक बाल्टी मीठे पानी के लिए करीब दो किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है. गांवों में लगे अधिकांश हैंडपंप और नलों से खारा पानी निकल रहा है, जिससे हजारों ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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सरेनी विकास क्षेत्र की रमईपुर कला ग्राम पंचायत के बरुआ बाग, पूरे रघुनाथपुर दयाल, बबुरी बंगला समेत पांच पुरवों की करीब तीन हजार आबादी इस समस्या से जूझ रही है.  ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत जल स्रोत खारा पानी दे रहे हैं, जबकि केवल 30 प्रतिशत स्रोतों से ही मीठा पानी मिल रहा है.

ग्रामीणों के अनुसार इन पांचों पुरवों में लगे करीब दस इंडिया मार्का हैंडपंपों से लगातार खारा पानी निकल रहा है. यह पानी पीने योग्य तो नहीं है, साथ ही नहाने और कपड़े धोने के लिए भी उपयोगी नहीं है. कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है.

मीठे पानी की तलाश में ग्रामीणों को एक से दो किलोमीटर दूर स्थित चिन्नार गांव और मंदिर परिसर में लगे हैंडपंपों तक जाना पड़ रहा है. पानी भरने के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों का काफी समय और श्रम व्यर्थ होता है.

इस मामले में जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता रणविजय सिंह ने बताया कि रमईपुर कला में पेयजल योजना का कार्य पिछले एक वर्ष से बजट के अभाव में रुका हुआ है. उन्होंने कहा कि जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, कार्य पूरा कराकर ग्रामीणों को राहत दिलाई जाएगी.