Raebareli News: रायबरेली में यूरिया के लिए सुबह से शाम तक लाइन में किसान, फार्मर रजिस्ट्री और सर्वर डाउन से बढ़ी परेशानी

Newzo

• 12:10 PM • 22 Jul 2026

Raebareli Urea Crisis: यूरिया खाद लेने के लिए किसानों को सुबह से शाम तक समितियों पर लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है. फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता और बार-बार सर्वर डाउन होने से वितरण प्रभावित है. कई किसानों को बिना खाद लौटना पड़ा, जबकि कई को केवल एक बोरी यूरिया ही मिल सकी.

रायबरेली में यूरिया के लिए सुबह से शाम तक लाइन में किसान, फार्मर रजिस्ट्री और सर्वर डाउन से बढ़ी परेशानी

रायबरेली में यूरिया के लिए सुबह से शाम तक लाइन में किसान, फार्मर रजिस्ट्री और सर्वर डाउन से बढ़ी परेशानी

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Raebareli News: जनपद में यूरिया खाद की किल्लत और वितरण व्यवस्था में आ रही तकनीकी अड़चनों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. साधन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता और बार-बार सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिल पा रही है.  सुबह से लाइन में लगने के बाद भी कई किसानों को शाम तक खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.

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जगतपुर और महाराजगंज क्षेत्र की समितियों में खाद वितरण की स्थिति सबसे अधिक प्रभावित है.  शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए समिति सचिव बिना फार्मर रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) के यूरिया देने से इनकार कर रहे हैं. मंगलवार को साधन सहकारी समिति मऊ में कई किसानों को फार्मर आईडी न होने के कारण वापस लौटना पड़ा.

जिन किसानों के पास फार्मर आईडी और आधार उपलब्ध था, उन्हें भी प्रति बीघा केवल एक बोरी यूरिया ही दी गई. समिति सचिव रामशरण यादव ने बताया कि नियमानुसार प्रति बीघा दो बोरी यूरिया का प्रावधान है, लेकिन सभी किसानों तक खाद पहुंचाने के लिए फिलहाल पहले चरण में एक-एक बोरी का वितरण किया जा रहा है.

इस बीच तकनीकी समस्याओं ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी. मऊ समिति में दोपहर करीब 12 बजे सर्वर डाउन होने से खाद वितरण रुक गया और भीषण गर्मी में किसान घंटों लाइन में खड़े रहे. वहीं हलोर समिति में भी कनेक्टिविटी की समस्या के चलते वितरण प्रभावित रहा.

किसानों ने समिति सचिवों पर पक्षपात का आरोप भी लगाया है. उनका कहना है कि कुछ लोगों को दो-दो बोरी यूरिया दी जा रही है, जबकि अधिकांश किसानों को केवल एक बोरी मिल रही है.  वहीं जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है, उन्हें खाद से पूरी तरह वंचित होना पड़ रहा है. किसानों ने व्यवस्था में सुधार और खाद वितरण को सुचारु बनाने की मांग की है.