Raebareli Mandi Bhav 21 July 2026: मानसून की पहली फुहारों के साथ ही जिले में हरी सब्जियों का 'जायका' बिगड़ गया है. बारिश की वजह से सब्जियों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे आम जनता की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है. रसोई की शान कहे जाने वाले धनिया से लेकर चाय का स्वाद बढ़ाने वाली अदरक के भाव आसमान छू रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि कुछ सब्जियों के दाम तो हफ्ते भर के भीतर दो से तीन गुना तक बढ़ चुके हैं.
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अदरक और धनिया ने बिगाड़ा स्वाद
फुटकर बाजार में अदरक 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जिससे चाय की चुस्की महंगी हो गई है. हरी धनिया तो आम आदमी की थाली से गायब ही हो चुकी है. बाजार में धनिया 300 रुपये किलो (यानी 15 रुपये की मात्र 50 ग्राम) मिल रही है. खीरा 40-50 रुपये, मूली 40 रुपये और चुकंदर 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है.
बारिश से पहले और अब: सब्जियों के तेवर
खेतों में जलभराव और आवक कम होने के कारण रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है. लौकी जो दस दिन पहले 10 रुपये किलोग्राम बिक रही थी. वह अब 30 से 40 रुपये किलो के दाम पर बिक रही है. तरोई 20 रुपये किलो से बढ़कर अब 40 से 50 रुपये किलो दाम पर बिक रही है. टमाटर जो बरसात से पहले 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा था. वह अब 40 रुपये किलो बिक रहा है. इसी प्रकार से परवल का 80 रुपये तो कुंदरू का 40 रुपये किलो का भाव हो गया है. हरी मिर्च जो 40 रुपये के भाव थी, अब 80 रुपये प्रति किलो के दाम पर बिक रही है.
सब्जी विक्रेता भीम ने बताया, कि बरसात में स्थानीय उत्पादन घटने से दूसरे जिलों और राज्यों से सब्जियां आ रही हैं. भाड़ा और आवक कम होने के कारण थोक और फुटकर दोनों बाजारों में भाव बढ़े हुए हैं.
बारिश से पहले और अब: सब्जियों के दाम
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