Raebareli Weather Update: रायबरेली में बादलों की 'किचकिच' के बीच झमाझम को तरसे लोग, बारिश थमी तो उमस ने छुड़ाए पसीने

Newzo

• 10:02 AM • 24 Jul 2026

Raebareli Weather 24 July 2026: रायबरेली में मानसून की सुस्ती से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तेज बारिश नहीं हो रही है. हल्की फुहारों के बाद उमस ने हाल बेहाल कर दिया है, जबकि खेतों में पानी की कमी से धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है.

 रायबरेली में बादलों की 'किचकिच' के बीच झमाझम को तरसे लोग, बारिश थमी तो उमस ने छुड़ाए पसीने

रायबरेली में बादलों की 'किचकिच' के बीच झमाझम को तरसे लोग, बारिश थमी तो उमस ने छुड़ाए पसीने

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Raebareli Weather 24 July 2026: जिले में मानसून की बेरुखी से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. बीते तीन-चार दिनों से आसमान में काले-घने बादलों का डेरा तो बना हुआ है, लेकिन वे बिना खुलकर बरसे ही आगे निकल रहे हैं. गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर हुई हल्की फुहारों के बाद शुक्रवार सुबह से ही तीखी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया. मानसून के पूरी तरह सक्रिय न होने के कारण जिलेवासी अब भी झमाझम बारिश की राह तक रहे हैं.

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दिनभर चला 'धूप-छांव' और फुहारों का खेल

​गुरुवार को मौसम का मिजाज दिनभर बदलता रहा. सुबह, दोपहर और शाम के वक्त शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक रुक-रुककर हल्की बारिश दर्ज की गई. फुहारों से कुछ देर के लिए मौसम में ठंडक तो आई, लेकिन जमीन की तपन शांत नहीं हो सकी. बारिश थमते ही हवा में नमी बढ़ गई और शुक्रवार की सुबह होते ही तीखी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया.

​पंखे और कूलर हुए बेअसर

शुक्रवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही के बीच धूप-छांव का खेल जारी रहा। नमी का स्तर अधिक होने के कारण घरों और दफ्तरों में चल रहे पंखे व कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हुए. लोग पसीने से तर-बतर नजर आए और दोपहर के समय सड़कों पर चहल-पहल आम दिनों की तुलना में काफी कम दिखाई दी.

​किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें

बारिश की बेरुखी का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है. धान की रोपाई कर चुके किसान अब खेतों में पानी बनाए रखने के लिए डीजल पंपों का सहारा लेने को मजबूर हैं. किसानों का कहना है कि अगर अगले दो-तीन दिनों में जोरदार बारिश नहीं हुई, तो धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच जाएगी. वहीं, जिन किसानों ने अब तक रोपाई नहीं की है, वे झमाझम बारिश के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं.