Prayagraj News: प्रयागराज में अग्नि सुरक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के विधायक और नेताओं का एक दल प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच की और प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के सामने कई आपत्तियां दर्ज कराईं . इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई जब सपा सांसद अक्षय यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रयागराज के तीन बड़े कोचिंग संस्थानों को सील किए जाने पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी. सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है.
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दरअसल, हाल ही में अग्निशमन विभाग और प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी का हवाला देते हुए शहर के तीन बड़े कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया था. इसी के बाद सपा नेताओं ने सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए खुद फायर सेफ्टी इक्विपमेंट की जांच शुरू की. जांच के दौरान कई उपकरण खराब हालत में मिले. कुछ पर जंग लगी हुई थी, जबकि कई उपकरण काम करने की स्थिति में नहीं पाए गए. सपा नेताओं ने दावा किया कि यदि कोई बड़ी अप्रिय घटना होती है, तो प्राधिकरण की मौजूदा तैयारी सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त नहीं है.
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी से बचने नहीं दिया जा सकता. उनका कहना था कि यदि भविष्य में सपा की सरकार बनती है तो ऐसे मामलों की विस्तृत जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, इस जांच और आरोपों पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी सोशल मीडिया के जरिए प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं. पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति और उसमें सुधार की जरूरत को लेकर बहस तेज कर दी है.
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