'घर में बच्ची थी, बाहर से लगा दी सील?' प्रयागराज में PDA की कार्रवाई पर भड़के अखिलेश यादव, परिवार ने बताई पूरी कहानी

Prayagraj Sealing Controversy: प्रयागराज के सिविल लाइंस में PDA ने नजूल भूमि पर बने एक मकान को सील कर दिया. सीलिंग के दौरान 14 वर्षीय बच्ची के घर में बंद होने का दावा सामने आया है. जिस पर अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा है. हालांकि PDA अधिकारियों और परिवार ने इस दावे को भ्रामक बताया है.

यूपी तक

• 07:04 PM • 18 Jun 2026

follow google news

Prayagraj Sealing Controversy: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की एक सीलिंग की कार्रवाई को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है. सिविल लाइंस इलाके में नजूल की जमीन पर बने एक मकान को पीडीए की टीम ने बाहर से सील कर दिया. आरोप है कि जब मकान सील किया गया, तब घर के अंदर एक 14 साल की बच्ची मौजूद थी. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है. दूसरी ओर, पीडीए के अधिकारियों ने किसी भी बच्ची को अंदर बंद करने के आरोपों को भ्रामक बताया है.

यह भी पढ़ें...

मकान के अंदर बंद हुई बच्ची

प्रयागराज के सिविल लाइंस में एक महिला अपने मकान का निर्माण कार्य करा रही थी. महिला का कहना है कि वह अपने बेटे को परीक्षा दिलाने गई थी, तभी पीडीए की टीम वहां पहुंची और उन्होंने बाहर से घर को सील कर दिया. आरोप है कि इस दौरान महिला की बेटी घर के अंदर ही मौजूद थी और सील लगने की वजह से वह अंदर ही बंद हो गई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बच्ची सील किए गए दरवाजे के पीछे से बात करती हुई नजर आ रही है.

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यूपी सरकार और पीडीए को घेरा है. अखिलेश ने लिखा है कि, 'यह है असंवेदनशील भाजपा सरकार के गैर जिम्मेदार और अमानवीय प्रयागराज विकास प्राधिकरण का हृदय विहीन कारनामा.' उन्होंने इसे नारी वंदना का असली सच बताते हुए दोषियों के निलंबन और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है.

पीडीए अधिकारी ने दी सफाई

इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद पीडीए के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने सफाई दी. अधिकारी ने बताया कि यह नजूल (सरकारी) की जमीन है, जिस पर अवैध निर्माण हो रहा था और इसकी शिकायतें मिल रही थीं. अधिकारी ने बच्ची के अंदर बंद होने की बात को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि, 'कोई भी इसमें बंद नहीं था.' उन्होंने बताया कि सीलिंग के वक्त अंदर कोई नहीं था और महिला बाद में अपने जेठ के बगल वाले मकान के रास्ते से अंदर गई थी.

परिवार ने भी मानी बात

बाद में परिवार के एक सदस्य ने भी इस बात को स्वीकार किया कि वे बगल वाले मकान के रास्ते से अंदर दाखिल हुए थे. उन्होंने कहा कि 'यह भ्रामक खबर थी कि उनकी बेटी अंदर बंद है.' परिवार का कहना है कि जब वे वापस आए तो घर सील था, इसलिए उन्होंने अपने भाई (जेठ) से रिक्वेस्ट की और उनके मकान के रास्ते से अंदर आए. फिलहाल इस पूरे मामले में पीडीए विधिक कार्रवाई कर रहा है.