Meerut Police: उत्तर प्रदेश के मेरठ से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. यहां चंद रुपयों के लालच में 2 पुलिसकर्मियों ने एक गैर जमानती वारंट (NBW) के आरोपी को पकड़ने के बाद सौदा करके छोड़ दिया था. जब इस भ्रष्टाचार और लापरवाही की भनक उच्च अधिकारियों को लगी, तो मेरठ पुलिस ने अपनी ही खाकी पर लगे इस दाग को बर्दाश्त नहीं किया. पुलिस ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लेते हुए दरोगा और हेड कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया और दोनों पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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वारंटी को पकड़ने के बाद छोड़ा
इस पूरे खेल की शुरुआत 12 जून को हुई थी. थाना नौचंदी में तैनात उपनिरीक्षक (SI) अनूप कुमार को रिहान नाम के एक आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट मिला था. रिहान को पकड़ने के लिए अनूप कुमार रेलवे रोड इलाके में गए थे, जहां उनके साथ हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार को लगाया गया था. दोनों पुलिसकर्मियों ने मिलकर रिहान को गिरफ्तार कर लिया था और उसे चौकी कैसरगंज लेकर आए थे. लेकिन यहां से दोनों ने अपनी ड्यूटी को ताक पर रखते हुए कोई कानूनी कार्यवाही करने के बजाय कथित रूप से मोटी रिश्वत लेकर आरोपी को मौके से ही छोड़ दिया था.
अधिकारियों को नहीं दी सूचना
दरोगा और हेड कांस्टेबल ने पुलिस के रसूख का गलत इस्तेमाल करते हुए इस पूरी गिरफ्तारी और रिहाई की भनक किसी को नहीं लगने दी थी. दोनों ने बिना किसी वैधानिक कार्यवाही के आरोपी रिहान को छोड़ दिया था और इस संबंध में न तो चौकी प्रभारी को कुछ बताया था, न थाना प्रभारी को और न ही किसी भी उच्च अधिकारी को इस बात की सूचना दी थी.
भ्रष्टाचार का मुकदमा हुआ दर्ज
जब अधिकारियों को इस भ्रष्टाचार का पता चला तो महकमे में हड़कंप मच गया. 17 जून को थाना रेलवे रोड प्रभारी की तहरीर पर दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई. थाना रेलवे रोड में उपनिरीक्षक अनूप कुमार और मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 199 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
दोनों पुलिसकर्मी गिरफ्तार
मेरठ पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने इस घटना की जानकारी देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि, 'इस प्रकरण में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए थाना अध्यक्ष रेलवे रोड द्वारा तहरीर प्राप्त के आधार पर सुसंगत धारा में मुकदमा पंजीकृत किया गया है.' इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आगे की विवेचना क्षेत्राधिकारी (CO) कैंट को सौंप दी गई है.
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