Prayagraj News: प्रयागराज की संगम नगरी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच के विवाद में शनिवार को एक बड़ा कांड होते-होते बचा. आरोप हैं कि शनिवार की सर्द शाम लाठी-डंडों से लैस हुड़दंगियों ने शंकराचार्य के शिविर पर हमला करने की कोशिश की. इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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हमले से पहले की भविष्यवाणी और डर
हैरानी की बात यह है कि इस हमले से कुछ ही समय पहले शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत में अपनी जान और शिविर की संपत्ति को खतरा बताया था.
यहां नीचे दी गई खास वीडियो रिपोर्ट में देखिए शंकराचार्य ने क्या कहा था
शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा कि वे दो विरुद्ध प्रकृति के पदों (महंत और मुख्यमंत्री) पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि एक पद धर्म की शपथ मांगता है और दूसरा धर्मनिरपेक्षता की, जिसे एक साथ नहीं निभाया जा सकता. अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा के भीतर अंतर्द्वंद्व की बात करते हुए पार्टी में तानाशाही प्रवृत्ति आने की बात कही है.
आपको बता दें कि शनिवार शाम को हुए उपद्रव के बाद शंकराचार्य की ओर से कल्पवासी थाना अध्यक्ष को तहरीर दी गई है. तहरीर में कहा गया है कि 'बुलडोजर बाबा' के नारे लगाते हुए लोग शिविर में घुसे, अभद्रता की और हाथापाई की. घटना के बाद पूरे शिविर को CCTV कैमरों से कवर कर दिया गया है. शंकराचार्य अब सुरक्षा कारणों से अपनी पालकी छोड़कर वैनिटी वैन में चले गए हैं.
7 दिनों से जारी है धरना
18 जनवरी (मौनी अमावस्या) को पालकी के साथ स्नान से रोके जाने और पुलिस द्वारा संतों के साथ कथित मारपीट के बाद से ही शंकराचार्य शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 'धर्म युद्ध' है और वे शास्त्र सम्मत मर्यादाओं के लिए लड़ रहे हैं, न कि राजनीतिक संख्या बल दिखाने के लिए.
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