Umar, Ali and Azham Prayagraj News: अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में बेहद भावुक माहौल देखने को मिला. अबान की अंतिम विदाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से शेयर की जा रही हैं. तस्वीरों में उसके भाई अली और अजहम खुद को संभाल नहीं पाए और फूट-फूटकर रोते नजर आए. लंबे समय से एक-दूसरे से दूर रहे तीनों भाइयों का यह मिलन बेहद दर्दनाक था. परिवार की मुश्किलों और जेल में बंद भाइयों के बीच अबान की मौत ने एक बार फिर अतीक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.
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छोटे भाई को आखिरी बार देखकर टूट गए अली और अजहम
कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अंतिम रस्मों के दौरान अली और अजहम अपने छोटे भाई अबान को याद कर भावुक हो गए. दोनों भाइयों के रोने की तस्वीरें सामने आई हैं. अली का सबसे ज्यादा बुरा हाल दिखाई दिया. वह अबान की कब्र की ओर देखते हुए बेहद भावुक नजर आया. अबान अली के लिए खास था और उससे मिलने के लिए ही वह झांसी जा रहा था. शायद अली को यह अंदाजा भी नहीं था कि भाई से अगली मुलाकात इस तरह होगी. वहीं अजहम भी खुद को रोक नहीं पाया. अबान की मौत की खबर के बाद उसने कहा था, 'अल्लाह का था, अल्लाह ने वापस ले लिया.' लेकिन अंतिम विदाई के समय वह भी बच्चे की तरह रो पड़ा.
उमर ने भाइयों को संभाला
अंतिम संस्कार के दौरान उमर अपने दोनों भाइयों को संभालते नजर आए. तस्वीरों में तीनों भाई एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर उसे दुलराते भी दिखाई दिए. कभी एक भाई बच्चे को गोद में उठाता तो कभी दूसरा उसके सिर पर हाथ फेरता नजर आया. इन तस्वीरों में लंबे समय से परिवार से दूर रहे भाइयों के बीच भावनाओं का एक अलग ही दृश्य दिखाई दिया. यह मुलाकात किसी सामान्य पारिवारिक कार्यक्रम की नहीं, बल्कि छोटे भाई को अंतिम विदाई देने की थी. तीनों भाइयों ने पहले अबान के जनाजे को कंधा दिया और फिर कांपते हाथों से उसे मिट्टी दी.
कोर्ट की इजाजत से जेल से प्रयागराज पहुंचे थे दोनों भाई
अबान की मौत के बाद कोर्ट की अनुमति से अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर और अली को प्रयागराज लाया गया था. उमर करीब 5 साल से लखनऊ जेल में बंद हैं, जबकि अली करीब 4 साल से जेल में है. अली पहले नैनी जेल में बंद था, जिसके बाद उसे झांसी जेल शिफ्ट किया गया. दोनों भाइयों को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाया गया, ताकि वे अपने छोटे भाई अबान को आखिरी विदाई दे सकें. इस दौरान परिवार के बीच उनका मिलना लंबे समय बाद हुआ, लेकिन इस मुलाकात की वजह बेहद दर्दनाक थी.
उमेश पाल हत्याकांड के बाद बदल गई थी परिवार की जिंदगी
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या के बाद अतीक अहमद के परिवार पर पुलिस और जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता चला गया. इसके बाद 13 अप्रैल को अतीक के बेटे असद की झांसी में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. इसके ठीक दो दिन बाद 15 अप्रैल की रात प्रयागराज में पुलिस हिरासत के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अतीक की पत्नी शाहिस्ता परवीन को भी आरोपी बनाया गया और वह फरार चल रही हैं. इसी दौर में नाबालिग बेटे अजहम और अबान करीब 8 महीने तक बाल संरक्षण गृह में रहे. बाद में दोनों को उनकी फूफी की कस्टडी में सौंप दिया गया.
भाई से मिलने जा रहा था अबान
अबान की मौत भी परिवार के लिए एक और बड़ा सदमा बन गई. गुरुवार को अबान अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने भाई अली से मिलने जा रहा था. इसी दौरान उसकी कार डिवाइडर से टकरा गई. हादसे में अबान और उसके साथी सोनू की मौत हो गई. जिस भाई से मिलने के लिए अबान झांसी जा रहा था, उसी अली को अब अपने छोटे भाई को अंतिम विदाई देने के लिए जेल से प्रयागराज आना पड़ा. कसारी-मसारी कब्रिस्तान में हुई यह मुलाकात अतीक परिवार के लिए एक ऐसी याद छोड़ गई, जिसमें वर्षों की दूरी, पारिवारिक त्रासदी और छोटे भाई को खोने का दर्द एक साथ दिखाई दिया.
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