यूपी के एटा जिले के एक गांव में रहस्यमयी बीमारी से मचा हड़कंप, एक महीने के अंदर हुईं 18 मौतें, प्रशासन ने बताई ये वजह

यूपी तक

• 01:36 PM • 09 Oct 2026

Etah News: उत्तर प्रदेश के एटा जिले का एक गांव इन दिनों एक रहस्यमयी बीमारी की दहशत में है. ग्रामीणों का दावा है कि पिछले एक महीने में इस बीमारी से गांव में 18 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन अब तक 12 मौतों का आंकड़ा दे रहा है.

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Etah News: उत्तर प्रदेश के एटा जिले का एक गांव इन दिनों एक रहस्यमयी बीमारी की दहशत में है. ग्रामीणों का दावा है कि पिछले एक महीने में इस बीमारी से गांव में 18 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन अब तक 12 मौतों का आंकड़ा दे रहा है. गांव के लोग इतने डरे हुए हैं कि कुछ परिवार तो घरों पर ताला लगाकर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं. गांव में हर दिन मौत की खबरें आने से लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है.

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डेंगू या कोई रहस्यमयी बीमारी?

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले एक महीने से बुखार का प्रकोप है, जिसे शुरुआत में लोगों ने सामान्य समझा था. लेकिन लगातार होने वाली मौतों ने गांव वालों को डरा दिया है. मरने वालों में युवाओं की संख्या काफी ज्यादा बताई जा रही है. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब लोग सरकारी कैंप में जांच कराते हैं तो उनकी डेंगू रिपोर्ट नेगेटिव आती है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है. कुछ लोगों ने गांव के पानी में कीड़े होने और उसे दूषित होने का भी दावा किया है.

स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था से नाराजगी

लगातार हो रही मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल कैंप लगाया है. हालांकि, ग्रामीण इस व्यवस्था से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं. उनका आरोप है कि कैंप में मरीजों को जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और इलाज के नाम पर एक-दो पेरासिटामोल की गोलियां देकर वापस भेज दिया जाता है. ग्रामीणों की मांग है कि गांव में मरीजों का सही से चेकअप हो और उन्हें बेहतर इलाज मिले ताकि मौतों का सिलसिला रुक सके.

प्रशासन ने मौतों की वजह बताई अलग

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जिला प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे तो उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा. प्रशासन 18 के बजाय 12 मौतों की बात कह रहा है. सीडीओ (CDO) के मुताबिक, मृतकों में 4-5 बुजुर्ग भी शामिल हैं और सभी मौतों को डेंगू से जोड़ना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की मौत टीबी, सांस फूलने या बुढ़ापे की वजह से हुई है. पानी दूषित होने की बात पर प्रशासन ने कहा कि हैंडपंपों की जांच कराई गई है, लेकिन पानी इतना खराब नहीं है कि उससे किसी की जान चली जाए.