संभल में अब दादा मियां मजार के पास बनी मस्जिद को हटाने का फरमान! इस बीच मुतवल्ली 800 साल पुराना किस्सा ले आए

UP News: संभल प्रशासन ने एक मस्जिद को 15 दिनों का समय दिया है. प्रशासन का दावा है कि मस्जिद कब्रिस्तान की जगह पर बनी है. दूसरी तरफ इसके मुतवल्ली ने अलग ही कहानी बताई है.

UP News

अभिनव माथुर

08 Jan 2026 (अपडेटेड: 08 Jan 2026, 09:11 AM)

follow google news

UP News: संभल में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार चल रहा है. अब प्रशासन की नजर दादा मियां की मजार से सटी मस्जिद पर भी आ टिकी है. बता दें कि ये मजार संभल के संवेदनशील चौधरी सराय इलाके में स्थित है. बताया जा रहा है कि दादा मियां की मजार के पास में एक मस्जिद बनी हुई है. मगर ये मस्जिद कब्रिस्तान की भूमि पर बनी हुई है. अब प्रशासन ने इस मस्जिद को लेकर 15 दिन की हिदायत दी है. 

यह भी पढ़ें...

दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय का कहना है कि ये मस्जिद काफी प्राचीन है और उनके पुरखों के जमाने से यहां है. मगर तहसीलदार ने साफ कह दिया है कि 15 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाया जाए. इसी के साथ प्रशासन ने मजार पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार को भी हटाने का निर्देश दिया है और इसको लेकर मुतवल्ली को भी चेतावनी दी है.

दादा मियां मजार से लगी हुई है मस्जिद

इस मामले को लेकर स्थानीय लोग प्रशासन के पास गए थे. शिकायत थी कि दादा मियां की मजार पर बिना परमिशन के हर हफ्ता बाजार लगाया जा रहा है. इसके बाद तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह लेखपालों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे.

इस दौरान प्रशासन ने मजार और मस्जिद के मुतवल्ली मुहम्मद सुल्तान को चेतावनी दी और साफ कहा कि मजार पर लगने वाला बाजार बंद किया जाए. इसी के साथ प्रशासन ने जांच में पाया कि मजार के पास बनी मस्जिद कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है. इसके बाद प्रशासन ने 15 दिन का समय दिया और मस्जिद को हटाने के लिए कहा.

मस्जिद इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ- तहसीलदार

इस पूरे मामले को लेकर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह का बयान भी सामने आया है. तहसीलदार ने कहा, मामले की शिकायत स्थानीय लोगों ने की थी. बताया गया था कि शुक्रवार के दिन मजार के पास बाजार लगता है, जिससे काफी परेशानी होती है. इसी के साथ पाया गया कि यहां बनी मस्जिद कब्रिस्तान की भूमि पर बनी है. ये इस्लाम के सिद्धांतों के भी खिलाफ है. जिम्मेदार लोगों ने खुद ही 15 दिन के अंदर इसे हटाने की बात हमसे कही है.

700-800 साल पुराना इतिहास है इसका- मुतवल्ली

दूसरी तरफ मजार-मस्जिद के मुतवल्ली सुल्तान का दावा है कि इस इमारत का इतिहास 700-800 साल पुराना है. मगर प्रशासन का कहना है कि ये कब्रिस्तान की जगह पर बनाई गई है. सुल्तान ने कहा कि ये पुरखों के समय से है. 

मुतवल्ली सुल्तान का कहना है कि मजार भी करीब 700-800 साल पुरानी है. उसी समय से यहां मस्जिद है. हम इसको लेकर अपने वकीलों से बात करेंगे.

    follow whatsapp