बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग टेंडर मुसलमान को मिला? DM चंद्र प्रकाश सिंह ने इस मामले पर बोलते हुए गहरी बात कह दी

UP News: बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग का ठेका मुस्लिम को मिलने पर साधु संतों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. अब इस मामले को लेकर जिलाधिकारी का बड़ा बयान सामने आया है.

Banke Bihari Temple vrindavan

मदन गोपाल

03 Feb 2026 (अपडेटेड: 03 Feb 2026, 06:09 PM)

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UP News: मथुरा के वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग का ठेका मुस्लिम को मिलने पर साधु संतों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. इस मामले को लेकर संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखा है. संतों का कहना है कि जहां बांके बिहारी जी विराजमान हो, वहां मुस्लिमों के प्रवेश से लोग भड़के हुए हैं और ये संतों और यहां के लोगों को बिल्कुल भी मंजूर नहीं है.

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संतों का कहना था कि बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग का ठेका हिंदू ठेकेदार को दिया जाए. हजारों हिंदू इसका ठेका लेने के लिए तैयार हो जाएंगे और यहां काम करने लगेंगे. बता दें कि इस मामले को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था. 

अब इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह का बयान सामने आ गया है. जानिए डीएम ने इस पूरे मामले को लेकर क्या कहा?

डीएम ने ये कहा

बांके बिहारी मंदिर में लगी रेलिंग मुस्लिम द्वारा लगाए जाने का खंडर जिलाधिकारी मथुरा चंद्र प्रकाश सिंह ने कर दिया है. उन्होंने कहा, सोशल मीडिया और कुछ अखबारों में बताया जा रहा था कि रेलिंग का काम धर्म विशेष के व्यक्ति से करवाया जा रहा है. ठेका भी उस शख्स को दिया है. 

डीएम ने आगे कहा, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति का गठन बिहारी जी के मंदिर की व्यवस्था के लिए किया था. डीएम ने कहा, मेरठ की कंपनी कनिका कंस्ट्रक्शन को ये काम दिया गया था. कंपनी के मालिक रंजन शर्मा हैं. रोहताश शर्मा के द्वारा ये कार्य कराया जा रहा है. इस दौरान डीएम ने ये भी कहा कि इस मामले को लेकर कंफ्यूजन पैदा नहीं किया जाए. ये काम भक्तों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है. 

जिलाधिकारी ने आगे साफ कहा,  ठेका देते समय ये नहीं देखा जाता है कि कंपनी का मालिक कौन है या ठेका किसे मिला है. ठेके के नियम के मुताबिक ही काम दिया जाता है.

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