जनशताब्दी एक्सप्रेस से अचानक गायब हुए थे जन सुराज के डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता, अगले दिन झारखंड के जंगल में मिला शव

यूपी तक

• 04:49 PM • 27 Oct 2026

जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की मौत का मामला सामने आया है. पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस से लापता हुए देवपालिक का शव झारखंड में रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों से बरामद हुआ. उनकी मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

Devpalik Gupta

Devpalik Gupta News

Google CTA

Devpalik Gupta News: जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की मौत का मामला सामने आया है. पटना और रांची के बीच चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस से रहस्यमय तरीके से लापता हुए देवपालिक का शव झारखंड के जंगल में रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों से बरामद किया गया. करीब 31 साल के देवपालिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली के पूर्व छात्र थे. वह पिछले 4 साल से प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के सोशल मीडिया अभियानों से जुड़े थे. पुलिस को शुरुआती जांच में उनके सिर पर चोट के निशान मिले हैं. फिलहाल मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि जन सुराज पार्टी और IIMC एलुम्नी एसोसिएशन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.

यह भी पढ़ें...

ट्रेन से अचानक लापता हुए, अगले दिन मिला शव

जानकारी के मुताबिक देवपालिक सोमवार को रांची से पटना लौटने के दौरान जनशताब्दी एक्सप्रेस से अचानक लापता हो गए थे. ट्रेन में उनके साथ मौजूद साथियों को जब वह नहीं मिले, तो उनकी तलाश शुरू हुई. सोमवार रात करीब 9 बजे इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई. इसके बाद मंगलवार को झारखंड के अनगड़ा थाना क्षेत्र में बरवादाग के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक झाड़ियों से उनका शव बरामद हुआ. यह इलाका मूरी के पास बताया जा रहा है. शव की पहचान उनके भाई ने की. घटना की जानकारी सामने आने के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह ट्रेन से कैसे नीचे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई.

यह भी पढ़ें- 'कंप्यूटर जातिवादी नहीं है...' CEO यूपी के इस जवाब पर क्यों मचा बवाल? 'राम ने यादव को मारा' पोस्ट पर घिरे अधिकारी तो फिर दी ये सफाई

 

सिर पर चोट के निशान

मामले में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान देवपालिक के सिर पर चोट के निशान मिले हैं. पुलिस की प्राथमिक आशंका है कि वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गए होंगे. हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है. फिलहाल घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रेन से लापता होने और रेलवे ट्रैक के पास शव मिलने के बीच क्या हुआ था. अभी किसी साजिश या अन्य वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

जन सुराज पार्टी ने जताई चिंता

देवपालिक की मौत के बाद जन सुराज पार्टी ने चिंता जताई है. पार्टी का कहना है कि फिलहाल मौत की असली वजह साफ नहीं है और किसी साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता. इसी आधार पर पार्टी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है. पार्टी चाहती है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल हो, ताकि मौत की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें. हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने से पहले मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

यह भी पढ़ें- एक हाथ में पिस्टल, दूसरे में मैगजीन! लखनऊ में ट्रिपल मर्डर के बाद लाशों के पास बैठा रहा 'कातिल' ऋषभ शुक्ला

 

IIMC एलुम्नी एसोसिएशन ने जताया शोक

देवपालिक गुप्ता की मौत पर भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व छात्र संगठन IIMC एलुम्नी एसोसिएशन ने भी गहरा दुख जताया है. एसोसिएशन के मुताबिक, देवपालिक 2018-19 बैच के छात्र थे और घटना के समय अपने दो दोस्तों के साथ रांची से पटना लौट रहे थे. संगठन ने उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस मुश्किल समय में उन्हें दुख सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की. एसोसिएशन ने झारखंड पुलिस से मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के साथ जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की अपील भी की है.
 

IIMC से की थी पढ़ाई

करीब 31 साल के देवपालिक गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे. उन्होंने दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पढ़ाई की थी. अपने पेशेवर करियर में उन्होंने 'द लल्लनटॉप' जैसे प्रमुख डिजिटल पोर्टल के अलावा कई बड़े समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के साथ काम किया था. वह जन सुराज पार्टी में सोशल मीडिया की बैकएंड टीम के लीड के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे. पिछले चार वर्षों से वह पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों और डिजिटल अभियानों से जुड़े हुए थे. उनकी अचानक हुई मौत से पार्टी और मीडिया जगत में शोक है. फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर है, जिससे घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सके.