सपा नेता अनुज प्रधान 1000 लड़कियों को बांटने वाले थे साइकिलें, लेकिन लग गया 10.86 लाख का जुर्माना!

मयंक गौड़

• 03:07 PM • 25 Oct 2026

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की लोनी विधानसभा में 1000 लड़कियों को साइकिल बांटने का कार्यक्रम विवादों में आ गया है. समाजवादी पार्टी के नेता अनुज प्रधान ने क्षेत्र की छात्राओं को साइकिल देने का फैसला किया था.

Ghaziabad Anuj Pradhan News

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Ghaziabad Anuj Pradhan News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की लोनी विधानसभा में 1000 लड़कियों को साइकिल बांटने का कार्यक्रम विवादों में आ गया है. समाजवादी पार्टी के नेता अनुज प्रधान ने क्षेत्र की छात्राओं को साइकिल देने का फैसला किया था. इसके लिए 25 अक्टूबर को गढ़ी कटैया गांव में पीडीए सम्मान समारोह और साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाना था. कार्यक्रम की तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं और साइकिलें मंगाकर रखी गई थीं. हालांकि, कार्यक्रम से पहले ही पुलिस और प्रशासन ने आयोजन रुकवा दिया. मौके पर लगाए गए टेंट और मंच को भी हटवा दिया गया. अनुज प्रधान का आरोप है कि उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई के तहत थाने ले जाया गया और उनके कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पंडाल हटाया गया. वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बिना अनुमति कार्यक्रम की तैयारी किए जाने को लेकर नोटिस जारी किया है.

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1000 लड़कियों को साइकिल देने की थी तैयारी

सपा नेता अनुज प्रधान के मुताबिक वह क्षेत्र के गांवों में जाते थे तो उन्होंने देखा कि कई छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूसरे गांव तक पैदल जाना पड़ता है. उन्होंने सिरौरा गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां कुछ बेटियां करीब तीन किलोमीटर दूर पढ़ने के लिए पैदल जाती थीं. इसी को देखकर उनके मन में छात्राओं की मदद करने का विचार आया.

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अनुज प्रधान ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार से इस बारे में चर्चा की. इसके बाद लोनी विधानसभा क्षेत्र की 1000 छात्राओं को साइकिल देने का निर्णय लिया गया. उनका कहना है कि विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों और नगर पालिका के 55 वार्डों को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई थी. इसके लिए गांव-गांव जाकर छात्राओं के दस्तावेज जुटाए गए और उन्हें 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया.

सपा नेता के मुताबिक साइकिलें खरीदकर उनके फार्म हाउस पर रखवा दी गई थीं. कार्यक्रम के लिए पंडाल और मंच भी तैयार कराया गया था. योजना थी कि समारोह में क्षेत्र के लोगों की मौजूदगी में छात्राओं को साइकिलें बांटी जाएंगी.

मंच और पंडाल हटवाया गया

अनुज प्रधान के मुताबिक कार्यक्रम की तैयारियां पूरी होने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची और आयोजन रोकने को कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्हें अपने साथ ले जाया गया. अनुज प्रधान का कहना है कि उन्हें एसीपी कार्यालय ले जाया गया, जहां करीब चार घंटे बाद छोड़ा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कार्यक्रम स्थल पर लगा पंडाल और मंच हटवा दिया गया. अनुज प्रधान ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य छात्राओं को साइकिल देना था. उन्होंने कहा कि चाहे उनके साथ कुछ भी हो जाए, वह लड़कियों को साइकिल दिलाने का अपना फैसला पूरा करेंगे. हालांकि, प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रोकने के पीछे सरकारी जमीन पर बिना अनुमति आयोजन की तैयारी किए जाने की बात सामने आई है.

नगर पालिका ने जारी किया नोटिस

नगर पालिका परिषद लोनी की ओर से 24 अक्टूबर को जारी पत्र के मुताबिक वार्ड नंबर 12 के सभासद सुमित प्रधान ने गढ़ी कटैया स्थित सरकारी जमीन पर पीडीए सम्मान समारोह और साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति के लिए पत्र दिया था. यह जमीन खेल के मैदान के रूप में दर्ज बताई गई है. पत्र में कहा गया कि अनुमति के बिना ही कार्यक्रम के लिए टेंट और मंच लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई थी. इसके बाद नगर पालिका ने सर्किल रेट के आधार पर जुर्माना निर्धारित किया और खन्ना नगर चौकी प्रभारी को आयोजन तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए.

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नोटिस की प्रतिलिपि लोनी के उपजिलाधिकारी, सहायक पुलिस आयुक्त और संबंधित पालिका अधिकारियों को भी भेजी गई थी. साथ ही आयोजक को जुर्माने की राशि जमा करने और कार्यक्रम रोकने के निर्देश दिए गए थे.

वीडियो में जुर्माने की राशि को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं. नगर पालिका के पत्र का विवरण बताते समय 10 लाख 86 हजार 930 रुपये का जुर्माना निर्धारित किए जाने की बात कही गई है. 

छात्राओं ने जताई नाराजगी

कार्यक्रम में साइकिल लेने के लिए कुछ छात्राएं भी पहुंची थीं. जब उन्हें पता चला कि आयोजन रद्द कर दिया गया है, तो उन्होंने नाराजगी जताई. छात्राओं ने कहा कि अनुज प्रधान की ओर से साइकिल देने की पहल अच्छी थी और इससे उन्हें आने-जाने में आसानी होती. एक छात्रा ने बताया कि साइकिल मिलने की उम्मीद से वे काफी खुश थीं, लेकिन कार्यक्रम रुकने से उन्हें दुख हुआ. छात्राओं ने कहा कि उन्हें पढ़ाई के लिए आने-जाने में परेशानी होती है और साइकिल मिलने से उनकी मदद होती.