एक हाथ में पिस्टल, दूसरे में मैगजीन! लखनऊ में ट्रिपल मर्डर के बाद लाशों के पास बैठा रहा 'कातिल' ऋषभ शुक्ला
लखनऊ के सआदतगंज इलाके में पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुआ विवाद तीन लोगों की हत्या में बदल गया. नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला में मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर रह चुका ऋषभ शुक्ला पर शिवा, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवा के बेटे सुयश तिवारी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है.
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में सोमवार सुबह पार्किंग और चबूतरे को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन लोगों की हत्या तक पहुंच गया. नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला इलाके में मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर रह चुका ऋषभ शुक्ला पर एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. मरने वालों में शिवा, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवा के बेटे सुयश तिवारी शामिल हैं.
वारदात के बाद का घटनाक्रम भी चौंकाने वाला है. चश्मदीदों का दावा है कि गोली चलाने के बाद ऋषभ मौके से भागा नहीं, बल्कि पिस्टल और मैगजीन लेकर घर के बाहर ही बैठा रहा. आसपास के लोग घायलों की मदद के लिए आगे बढ़ने से डर रहे थे. एक चश्मदीद ने दावा किया कि ऋषभ ने उसे भी गोली मारने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
गाड़ी हटाने की बात पर शुरू हुआ विवाद, फिर चलीं गोलियां
घटना के चश्मदीद जितेंद्र कश्यप के मुताबिक, सोमवार सुबह इलाके में चबूतरा बनाने का काम शुरू हुआ था. इसी दौरान गाड़ी हटाने को लेकर ऋषभ और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी हो गई. आरोप है कि ऋषभ ने गाली-गलौज शुरू कर दी. विरोध होने पर विवाद बढ़ गया और शोर सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए.
जितेंद्र के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे का वीडियो बनाने लगे. उनका दावा है कि ऋषभ पहले से ही पिस्टल लेकर आया था और उसके पिता राजेश शुक्ला को भी इसकी जानकारी थी. जब ऋषभ ने हथियार निकाला तो शिवा, उनके भाई शंभू और बेटे सुयश ने उसे पकड़कर रोकने की कोशिश की.
चश्मदीद का आरोप है कि इसी दौरान ऋषभ के पिता राजेश ने सुयश के सिर पर डंडा मार दिया. इससे सुयश की पकड़ ढीली पड़ गई और ऋषभ खुद को छुड़ाने में कामयाब हो गया. इसके बाद उसने फायरिंग शुरू कर दी. जितेंद्र के अनुसार, पहली गोली शिवा को लगी. फिर शंभू और सुयश को भी गोली मार दी गई.
चश्मदीद का दावा- मुझे भी मारने के लिए चलाईं दो गोलियां
जितेंद्र कश्यप ने बताया कि फायरिंग के दौरान उसने ऋषभ को रोकने की कोशिश की थी. आरोप है कि इस पर ऋषभ ने उसकी तरफ भी दो राउंड फायर किए. जितेंद्र का कहना है कि वह किसी तरह बच गया और गोलियां उसके पैरों के बीच से निकल गईं. इसके बाद वह अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग गया.
जितेंद्र के मुताबिक, तीन लोगों को गोली मारने के बाद भी ऋषभ के हाथ में हथियार था. वह एक हाथ में पिस्टल और दूसरे में मैगजीन लेकर शवों के पास बैठा रहा. आसपास मौजूद लोग डर के कारण आगे नहीं बढ़ सके. चश्मदीद का दावा है कि ऋषभ लोगों को घूर रहा था और उसके पास जाने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था. कुछ देर बाद वह खुद उठकर घर के अंदर चला गया.
चबूतरे को लेकर पहले भी हुआ था विवाद, पार्षद ने कराई थी बातचीत
इस घटना के पीछे सिर्फ सोमवार सुबह की कहासुनी थी या दोनों परिवारों के बीच पहले से तनाव चल रहा था, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है. स्थानीय पार्षद अनूप कुमार सक्सेना के मुताबिक, पिछले महीने नौबस्ता में सड़क निर्माण का काम हुआ था. निर्माण के बाद कुछ सामग्री बच गई थी. इसी दौरान शिवाजी ने उनसे चबूतरा बनवाने की मांग की थी.
पार्षद ने बताया कि वह मौके पर पहुंचे तो दोनों परिवारों के बीच विवाद की जानकारी मिली. उन्होंने दोनों पक्षों को आपस में समझौता करने की सलाह दी थी. इसके बाद 21 सितंबर को भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई. उस समय मौके पर जैसी स्थिति थी, उसे वैसा ही बनाए रखने पर सहमति बनी थी. इसके बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ.
ऋषभ के बारे में और क्या पता चला?
मोहल्ले में ऋषभ के अविवाहित होने और उसे लेकर होने वाली कथित टिप्पणियों की भी चर्चा है. मृतक सुयश तिवारी की शादी 5 दिसंबर को होनी थी. परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं. हालांकि, ऋषभ को शादी को लेकर ताने मिलने और इसी वजह से उसने वारदात को अंजाम दिया, इस दावे की पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है इसलिए इसे हत्या की वजह मानना अभी सही नहीं होगा.
सुयश के दोस्त बृजेश और सागर गौड़ इस घटना से सदमे में हैं. दोस्तों के मुताबिक, सुयश शांत स्वभाव का था और धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेता था. वह लोगों की मदद के लिए भी आगे रहता था. उसकी शादी की तैयारियों के बीच परिवार के तीन सदस्यों की मौत से घर में मातम छा गया है.
पुलिस ने क्या बताया, मौके से क्या बरामद हुआ?
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू की. तीनों घायलों को एंबुलेंस और पुलिस वाहनों से किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऋषभ शुक्ला को मौके पर ही पकड़ लिया गया. उसके पास से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और चार खाली कारतूस बरामद हुए. पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने और आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी थी.
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