Muzaffarnagar news: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक बेहद खौफनाक और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में स्थित एक दोने बनाने वाली फैक्ट्री में छापा मारकर पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है. इन मजदूरों को पिछले दो साल से बंधक बनाकर रखा गया था और उन्हें जानवरों से भी बदतर यातनाएं दी जा रही थीं.
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नौकरी का लालच देकर बनाया बंधक
इन गरीब मजदूरों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और नेपाल से लाया गया था. उन्हें हर महीने 8 से 12 हजार रुपये की तनख्वाह, अच्छा खाना और रहने की जगह देने का लालच दिया गया था. लेकिन फैक्ट्री पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी नरक बना दी गई थी.
छीन लिए थे मोबाइल और आधार
पीड़ितों के मुताबिक, फैक्ट्री में पहुंचते ही उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड छीन लिए गए थे. उन्हें अपने परिवार से बात करने की बिल्कुल इजाजत नहीं थी. बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे. फैक्ट्री के अंदर उनसे दिन-रात जबरन काम कराया जाता था और इसके बदले उन्हें कोई पैसा नहीं दिया जाता था.
खाने में मिलती थी सूखी रोटी
मजदूरों को खाने के नाम पर 24 घंटे में सिर्फ एक बार चोकर की सूखी रोटी और नमक दिया जाता था. जो मजदूर काम करने से मना करता था या थक जाता था, उसे लाठी, डंडे, बेल्ट और गर्म लोहे से यातनाएं दी जाती थीं. मुक्त कराए गए मजदूरों का जब मेडिकल कराया गया, तो उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं और कई मजदूरों की पसलियां भी टूटी हुई हैं.
खूंखार पिटबुल कुत्तों से कराते निगरानी
मजदूरों में खौफ पैदा करने और उन्हें भागने से रोकने के लिए फैक्ट्री में दो खूंखार पिटबुल कुत्ते रखे गए थे. एक कुत्ता गेट के बाहर और दूसरा गेट के अंदर रहता था. खूंखार कुत्तों के खौफ से कोई भी मजदूर डर के मारे वहां से भागने की हिम्मत नहीं करता था.
मजदूर के भागने पर हुआ खुलासा
इस पूरे काले सच का खुलासा तब हुआ था, जब फैक्ट्री का मुख्य मालिक किसी रिश्तेदारी में गया हुआ था. इसी दौरान मालिक के पिता ने गेट खोला था और एक मजदूर चकमा देकर वहां से भागने में कामयाब हो गया था. वह सीधा पुलिस स्टेशन पहुंचा था और उसने पुलिस को सारी आपबीती बताई थी. इसके बाद पुलिस, लेबर कमिश्नर और प्रशासन की टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की थी.
दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या की आशंका
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शिवम त्यागी और प्रदीप बालियान नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मौके से प्रताड़ित करने में इस्तेमाल होने वाले डंडे और बेल्ट भी बरामद किए गए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि इस अत्याचार के दौरान कुछ मजदूरों की मौत भी हुई थी, जिनमें से एक व्यक्ति की पहचान हो गई है. पुलिस ने गंभीर धाराओं और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है और आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
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