Mirzapur News: मिर्ज़ापुर में 'विंध्य एक्सप्रेस-वे' के विरोध में किसान संगठन, कहा- विकास नहीं, किसानों का विनाश, योजना निरस्त करने की उठी मांग

Newzo

• 04:34 PM • 07 Jul 2026

Mirzapur Farmers Protest: मिर्जापुर में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. किसानों का आरोप है कि यह परियोजना विकास नहीं, बल्कि उपजाऊ कृषि भूमि, पर्यावरण और आजीविका के लिए खतरा है. योजना निरस्त नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है.

मिर्ज़ापुर में 'विंध्य एक्सप्रेस-वे' के विरोध में किसान संगठन, कहा- विकास नहीं, किसानों का विनाश, योजना निरस्त करने की उठी मांग

मिर्ज़ापुर में 'विंध्य एक्सप्रेस-वे' के विरोध में किसान संगठन, कहा- विकास नहीं, किसानों का विनाश, योजना निरस्त करने की उठी मांग

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Mirzapur Farmers Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ने के लिए प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे योजना के विरोध में किसान संगठन लामबंद होने लगे हैं. जन संघर्ष समिति मिर्जापुर के तत्वाधान में  मंगलवार को किसानों के संगठन से जुड़े हुए किसान नेताओं ने मीडिया के लोगों से मुखातिब होते हुए भिंड एक्सप्रेसवे को निरस्त करने करने की मांग करते हुए इसे विनाशकारी कदम बताया है.

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किसान नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस वे से ना तो देश को फायदा है और ना ही प्रदेश को फायदा है, न ही किसान एवं न ही आम जनता को कोई फायदा है, बल्कि यह प्रस्तावित एक्सप्रेस वे अंततोगत्वा किसानों के लिए एवं देश के लिए एक अभिशाप ही साबित होगा.
 
इस संबंध में प्रधानमंत्री भारत सरकार को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र वाया मिर्जापुर को जोड़ने के लिए पूर्व से ही परिपूर्ण है. प्रयागराज से सोनभद्र की दूरी 150 कमी है जबकि प्रस्तावित एक्सप्रेस वे की दूरी 330 किमी है. मिर्जापुर के चुनार में मात्र 10 किलोमीटर के अंतर पर समानान्तर रुप में राज्य राजमार्ग संख्या 5ए एवं  राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 35 है.

 जन संघर्ष समिति के संयोजक इंजिनियर राज बहादुर सिंह ने कहा गलत नियोजन के कारण इस एक्सप्रेसवे से तमाम लघु एवं सीमांत कृषक भूमिहीन एवं बेरोजगार हो जाएंगे. गलत नियोजन के कारण अत्यंत ही उपजाऊ कृषि योग्य भूमि स्थायी रुप से समाप्त हो जाएगा. इस भूमि पर किसानों द्वारा तीन फसल ली जाती है, साथ ही यह क्षेत्र गंगा बेसिन में स्थित है जो विंध्य एक्सप्रेस-वे बनने से बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगा.

भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने कहा विंध्य एक्सप्रेस-वे योजना से जो किसान भूमिहिन हो जाएंगे उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है? किसानों को भूमिहिन बनाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. इसका पुरजोर विरोध करते हुए उन्होंने इस योजना को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा यह सरकार राष्ट्रीय स्तर पर किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है. विंध्य एक्सप्रेस-वे योजना से छोटे-मझोले किसान तबाह हो जाएंगे. पर्यावरण को भी भारी नुक़सान होगा यह जनहित में कदापि नहीं है. उन्होंने जोर देते हुए कहा यह योजना बिना वजह किसानों पर थोपा जा रहा है. अडानी को बढ़ावा देने के लिए विंध्य एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे किसानों का भला होने वाला नहीं है.
 
इस दौरान किसान नेता प्रहलाद सिंह, बजरंगी कुशवाहा, कंचन सिंह फौजी, राम बुलावन सिंह, सिद्धनाथ सिंह, रमेश सिंह राम सिंह बागीश इत्यादि किसान नेताओं ने विंध्य एक्सप्रेस-वे स को किसान विरोधी, विनाशकारी कदम करार देते हुए निरस्त करने की मांग करते हुए कहा है कि इस पर पुनर्विचार नहीं किया तो किसान एकजुट होकर सड़क पर उतरने को विवश होंगे.