यूपी के इस जिले में सरकारी, CBSE/ICSE, मदरसा सभी स्कूल कॉलेज में 23 जुलाई तक छुट्टी का ऐलान, कांवड़ यात्रा को लेकर फैसला

उस्मान चौधरी

• 11:34 AM • 16 Jul 2025

मेरठ में कांवड़ यात्रा के कारण सभी सरकारी, CBSE/ICSE, मदरसा और डिग्री कॉलेज 23 जुलाई 2025 तक बंद रहेंगे. जिलाधिकारी का आदेश जारी, छात्रों की सुरक्षा को लेकर लिया गया फैसला. जानें पूरी खबर Uptak.in पर.

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Meerut school holiday (Representative image))

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Meerut school news: उत्तर प्रदेश में सावन मास की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. इसी कड़ी में स्टूडेंट्स की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मेरठ जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है. जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर जनपद के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई/आईसीएसई से संबद्ध और मदरसा बोर्ड के स्कूलों के साथ-साथ डिग्री कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में 16 जुलाई से 23 जुलाई 2025 तक अवकाश घोषित कर दिया है. यह फैसला कांवड़ यात्रा के दौरान छात्रों की सुरक्षा और सुचारु आवागमन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

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कांवड़ यात्रा के कारण लिया गया फैसला

सावन महीने की शिवरात्रि का त्यौहार इस वर्ष 11 जुलाई 2025 से शुरू होकर 23 जुलाई 2025 तक मनाया जा रहा है. मुख्य पर्व यानी जलाभिषेक 23 जुलाई को ही होगा. मेरठ जनपद में कांवड़ियों का आवागमन पहले ही शुरू हो चुका है. इस वजह से सड़कों पर भीड़भाड़ बढ़ गई है. ऐसे में स्टूडेंट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं. 

छुट्टी की अवधि:

16 जुलाई 2025 से 23 जुलाई 2025 तक

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किन संस्थानों पर लागू होगा यह आदेश?

  • बेसिक शिक्षा परिषद के तहत चलने वाले सारे स्कूल
  • माध्यमिक शिक्षा के तहत चलने वाले सारी स्कूल
  • सीबीएसई (CBSE) / आईसीएसई (ICSE) से मान्यता वाले स्कूल
  • मदरसा बोर्ड से चलने वाले स्कूल
  • सारे डिग्री कॉलेज
  • सारे तकनीकी संस्थाएं

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

जिले के डीएम की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अगर छुट्टी के दौरान कोई शैक्षणिक संस्थान खुला पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के कई जिलों में कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं. मेरठ का क्षेत्र कांवड़ मार्ग का एक अहम हिस्सा है. यहां से बड़ी संख्या में कांवड़िये गुजरते हैं. ऐसे में छात्रों की सुरक्षा और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है.