शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद राधा केली कुंज पहुंचे प्रेमानंद महाराज, आश्रम छोड़ने की अफवाहों पर लगा ब्रेक

यूपी तक

• 01:02 PM • 09 Oct 2026

Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह करीब 6 बजे वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे और करीब दो घंटे तक भक्तों को दर्शन दिए. उनके आश्रम पहुंचने और आधिकारिक प्रेस नोट के बाद आश्रम छोड़ने, एकांतवास और बंटवारे से जुड़ी सभी अफवाहों पर विराम लग गया है.

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Premanand Maharaj: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही सभी अफवाहों पर अब विराम लग गया है. दरअसल, महाराज जी गुरुवार की सुबह-सुबह राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे, तो उन्हें देखकर वहां मौजूद भक्तों में खुशी लहर दौड़ गई. उनके आश्रम पहुंचते ही उन सभी दावों की पोल खुल गई है, जिनमें कहा जा रहा था कि महाराज जी ने आश्रम छोड़ दिया है या फिर आश्रमों के बीच बंटवारा हो गया है.

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शिष्य के निधन से शुरू हुईं अफवाहें

प्रेमानंद महाराज के बारे में सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही थीं. इन अफवाहों की शुरुआत 25 सितंबर को उनके खास शिष्य दीपक लोधी के निधन के बाद से हुई थी. उनके निधन के बाद से ही सोशल मीडिया पर लोग दावा करने लगे थे कि महाराज जी ने राधा केली कुंज आश्रम से दूरी बना ली है और वह हमेशा के लिए एकांत वास में चले गए हैं. कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया था कि दोनों आश्रमों का बंटवारा हो गया है.

आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराज

इन सब अफवाहों के बीच गुरुवार की सुबह करीब 6:00 बजे प्रेमानंद महाराज खुद राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे. उनके दर्शन पाने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु घंटों से आश्रम के बाहर लाइन में लगे हुए थे. महाराज जी को अपने बीच देखकर भक्तों के चेहरे खिल उठे और आश्रम में फिर से भक्ति और खुशी का माहौल छा गया. महाराज जी करीब 2 घंटे तक वहां रुके और भक्तों को दर्शन दिए.

आश्रम ने भी जारी किया स्पष्टीकरण

प्रेमानंद महाराज के राधा केली कुंज पहुंचने से यह पूरी तरह साफ हो गया कि उन्होंने ना तो आश्रम छोड़ा है और ना ही किसी तरह का कोई बंटवारा हुआ है. महाराज जी की मौजूदगी ने सोशल मीडिया पर चल रही सभी झूठी बातों को गलत साबित कर दिया है. इसके अलावा, आश्रम की तरफ से भी एक आधिकारिक बयान (प्रेस नोट) जारी किया गया है, जिसने बंटवारे और एकांत वास से जुड़ी सभी अफवाहों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. अब भक्त बिना किसी चिंता के उनके दर्शन कर पा रहे हैं.