Mathura Politics News: भारतीय जनता पार्टी महानगर मथुरा के मीडिया प्रभारी श्याम शर्मा ने संसद परिसर में विपक्षी दलों द्वारा किए गए सांकेतिक प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, किंतु धार्मिक प्रतीकों, संत परंपरा और भगवा के सम्मान को राजनीतिक मंच का विषय बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.
ADVERTISEMENT
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव का साधु वेश धारण करना तथा नाटक के एक दृश्य में दान पेटी लेकर भागने का अभिनय करना करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला दृश्य था. वहीं, राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा दान पेटी में सांकेतिक रूप से चढ़ावा चढ़ाने और उसके बाद चोर-चोर के नारे लगाते हुए मंचित प्रस्तुति देने से धार्मिक आस्था को राजनीतिक विवाद में खींचने का संदेश गया.
श्याम शर्मा ने कहा कि यदि किसी विषय पर किसी राजनीतिक दल को आपत्ति है, तो उसे संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाना चाहिए. किंतु साधु-संतों के स्वरूप और भगवा की गरिमा को राजनीतिक व्यंग्य या नाटकीय प्रदर्शन का माध्यम बनाना भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है.
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मानती है कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का सम्मान प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है. राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े प्रतीकों का उपहास किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता.
ADVERTISEMENT











