Mathura News: शादाब चौहान के कांवड़ यात्रा वाले बयान पर संत समाज में उबाल, कार्रवाई की उठी मांग

Newzo

• 03:28 PM • 30 Jul 2026

Mathura Kanwar Yatra Controversy: कांवड़ यात्रा पर AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान की टिप्पणी से प्रदेश की सियासत गरमा गई. संत समाज ने बयान को आस्था का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की. वहीं शादाब ने अपने बयान में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. मामले पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है.

 शादाब चौहान के कांवड़ यात्रा वाले बयान पर संत समाज में उबाल, कार्रवाई की उठी मांग

शादाब चौहान के कांवड़ यात्रा वाले बयान पर संत समाज में उबाल, कार्रवाई की उठी मांग

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Mathura Kanwar Yatra Controversy: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रवक्ता शादाब चौहान के कांवड़ यात्रा को लेकर दिए गए बयान से प्रदेश में विवाद खड़ा हो गया है. शादाब चौहान ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कांवड़ियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और यात्रा के लिए किए जा रहे इंतजामों पर सवाल उठाए. उनके इस बयान के बाद संत समाज में भारी रोष है. साधु-संतों ने शादाब चौहान को देशद्रोही बताते हुए उन्हें पाकिस्तान भेजने की मांग की है.

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AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि सड़कों पर 2 मिनट की ईद की नमाज रोकने वाले अधिकारी अब कांवड़ियों के लिए रूट डाइवर्ट कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ लोग नशे की हालत में चलते हैं, लेकिन योगी सरकार उन पर कार्रवाई नहीं करती. शादाब ने सवाल किया कि क्या बुलडोजर सिर्फ मुस्लिमों पर ही चलेगा.

उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस की दुकानों को बंद करने के आदेश पर भी आपत्ति जताई. शादाब ने कहा कि मुस्लिमों का एनकाउंटर करने वाली पुलिस कांवड़ियों के पैर क्यों दबाएगी और उन पर पुष्प क्यों बरसाएगी. उन्होंने कांवड़ यात्रा के लिए विशेष इंतजाम और रूट डायवर्जन को भी गलत बताया.

संत समाज में आक्रोश शादाब चौहान के बयान पर साधु-संतों ने कड़ी आपत्ति जताई है. संत समाज का कहना है कि कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़ी है. ऐसे पवित्र आयोजन पर अभद्र टिप्पणी करना समाज में वैमनस्य फैलाने की साजिश है.

संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांवड़ियों की सुरक्षा और  सुविधा के लिए जो कार्य कर रहे हैं वह सराहनीय है. शादाब चौहान जैसे लोग देश की संस्कृति और परंपराओं का अपमान कर रहे हैं. संतों ने मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और उन्हें देश से बाहर भेजा जाए.

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थिति पर नजर रखी हुई है.