JP NIC पहुंचे समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा, रात के अंधेरे में जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

यूपी तक

11 Oct 2026 (अपडेटेड: 11 Oct 2026, 01:47 PM)

JPNIC Controversy: लखनऊ में जेपी एनआईसी के बाहर कड़ी सुरक्षा के बीच समाजवादी पार्टी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा और उनके सहयोगियों ने परिसर में पहुंचकर जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. अखिलेश यादव ने इसका वीडियो शेयर कर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.

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JPNIC Controversy: लखनऊ में जेपी एनआईसी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव और प्रशासन के बीच हर साल होने वाला टकराव इस बार एक नया मोड़ ले चुका है. भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बावजूद, समाजवादी पार्टी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा और उनके सहयोगी रात के अंधेरे में पुलिस को चकमा देकर परिसर के अंदर पहुंचे और जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दिया. अखिलेश यादव ने इस वीडियो को शेयर कर सरकार पर निशाना साधा है.

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कड़ी सुरक्षा के बीच अं: र घुसे सपाई

जेपी एनआईसी के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा था, लोहे की बैरिकेडिंग और गेट पर टीन की चादरें लगाई गई थीं. इस भारी सुरक्षा के बावजूद समाजवादी पार्टी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा और उनके कुछ सहयोगी परिसर के अंदर जाने में कामयाब रहे. उन्होंने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो बाद में सामने आए. अखिलेश यादव ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा कि भाजपा राज में स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना भी किसी आंदोलन से कम नहीं है.

सपा नेता ने बताया कैसे पहुंचे अंदर

इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद भी अंदर कैसे पहुंचे? इस सवाल का जवाब देते हुए विनीत कुशवाहा ने कहा कि सरकार और बैरिकेडिंग समाजवादियों को नहीं रोक सकती. उन्होंने बताया कि जब वे अंदर गए तो वहां पहले से पुलिस मौजूद थी, लेकिन वे उन्हें रोक नहीं पाए. विनीत ने कहा कि जब समाजवादी कोई चीज तय कर लेते हैं, तो उसे पूरा करके ही मानते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जेपी आंदोलन से भाजपा के नेता भी निकले हैं, लेकिन अब उनकी मानसिकता बदल गई है और वे महापुरुषों का सम्मान नहीं चाहते.

अखिलेश यादव को मिली माल्यार्पण की अनुमति

जेपी एनआईसी को लेकर विवाद कोई नया नहीं है. साल 2023 में भी अखिलेश यादव को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद वह गेट फांदकर अंदर गए थे. लेकिन इस बार प्रशासन ने उन्हें माल्यार्पण की इजाजत दे दी है. अखिलेश यादव के 11 बजे पहुंचने का कार्यक्रम तय हुआ, और उससे पहले ही परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम पूरे कर लिए गए. यह पहली बार है जब प्रशासन ने अखिलेश यादव को जेपी एनआईसी जाने से नहीं रोका है.